क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें और ज्यादा फायदा व कम नुकसान के 10 तरीके

क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें? ज्यादा फायदा और कम नुकसान के 10 तरीके

यदि आपने अभी-अभी नया क्रेडिट कार्ड बनवाया है या क्रेडिट कार्ड लेने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में एक सवाल जरूर होगा कि क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें? ऐसा क्या किया जाए जिससे क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले फायदे भी मिलें और ब्याज व दूसरे चार्ज से भी बचा जा सके।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी फायदेमंद है, बस शर्त यह है कि इसे सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाए। क्रेडिट कार्ड बनवाना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इससे किए गए खर्च को संभालना और समय पर पूरा बिल चुकाना ज्यादा जरूरी है।

ताज्जुब की बात यह है कि बहुत से लोग बिना पूरी जानकारी के क्रेडिट कार्ड ले लेते हैं। लेकिन कार्ड मिलने के बाद उसे अपनी अतिरिक्त कमाई समझकर खर्च करना शुरू कर देते हैं। बाद में जब बड़ा बिल आता है तो उसे चुकाने में परेशानी होती है।

उम्मीद है कि आप ऐसी गलती नहीं करेंगे। किसी भी वित्तीय सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सही जानकारी लेना समझदारी है। इसलिए आगे हम आसान भाषा में जानेंगे कि क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग कैसे करें, ब्याज मुक्त अवधि का फायदा कैसे लें और किन गलतियों से बचें।

क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें और ज्यादा फायदा व कम नुकसान के 10 तरीके

क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें?

क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करने का सबसे आसान नियम है कि कार्ड से उतना ही खर्च करें जितना बिल आने पर आसानी से आप अपनी कमाई से चुका सकें।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट आपके खर्च करने का बजट नहीं है। बैंक ने आपको ₹1 लाख की लिमिट दी है, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हर महीने ₹1 लाख खर्च करना जरूरी है। बल्कि आप अपनी जरूरत व क्षमता के अनुसार खर्च करें।

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते समय इन बातों पर ध्यान दें:

क्या करेंक्या न करें
बजट के अनुसार खर्च करेंपूरी क्रेडिट लिमिट खर्च न करें
पूरा बिल समय पर चुकाएंकेवल मिनिमम ड्यू ही ना भरें
रिवॉर्ड और ऑफर देखेंऑफर के चक्कर में बेवजह खरीदारी न करें
बिल और स्टेटमेंट जांचेंबिल को बिना देखे भुगतान न करें
जरूरत के अनुसार कार्ड चुनेंबिना जरूरत कई कार्ड न लें
ऑटो-पे या रिमाइंडर लगाएंबिल की तारीख भूलने की गलती न करें

आइए अब इन सभी बातों को थोड़ा विस्तार से समझते हैं।

1. ब्याज मुक्त अवधि का फायदा उठाएं

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर आपको कुछ समय तक ब्याज नहीं देना पड़ता है। इसे Interest-Free Period यानी ब्याज मुक्त अवधि कहा जाता है।

यह अवधि आपकी खरीदारी की तारीख, बिल बनने की तारीख और भुगतान की अंतिम तारीख पर निर्भर करती है। कई क्रेडिट कार्ड में यह अवधि करीब 45 से 50 दिन तक मिल सकती है।

मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल हर महीने की 25 तारीख को बनता है। यदि आप 26 या 27 तारीख को खरीदारी करते हैं तो वह खर्च अगले बिल में आएगा। इससे आपको बिल चुकाने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है। वहीं यदि आप बिल बनने से एक-दो दिन पहले खरीदारी करते हैं तो भुगतान के लिए कम समय मिलेगा।

इसलिए बड़ी और पहले से तय खरीदारी करते समय अपनी Billing Cycle यानी बिल बनने की अवधि जरूर देखें।

ध्यान रखें कि ब्याज मुक्त अवधि का पूरा फायदा आमतौर पर तभी मिलता है जब पिछले क्रेडिट कार्ड बिल की पूरी बकाया राशि समय पर चुकाई गई हो।

2. अपनी कमाई और बजट के अनुसार खर्च करें

क्रेडिट कार्ड से खर्च करते समय सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग अपनी जरूरत व क्षमता देखकर नहीं बल्कि कार्ड की लिमिट देखकर खरीदारी करते हैं।

मान लीजिए आपकी महीने की कमाई ₹40,000 है और क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹1.5 लाख है। ऐसे में ₹1.5 लाख की लिमिट को अपनी खर्च करने की क्षमता समझना गलत है। आपको अपनी क्षमता को ध्यान मे रखकर ही कार्ड से खर्च करना चाहिए। क्योंकि क्रेडिट कार्ड से खर्च किया गया पैसा आखिरकार आपको ही चुकाना है।

हर महीने पहले तय करें कि आप कार्ड से अधिकतम कितना खर्च करेंगे। यदि आप बिल आने पर पूरी रकम नहीं चुका सकते हैं तो उस खरीदारी को कुछ समय के लिए टालना बेहतर है। कार्ड का ज्यादा बकाया होने और क्रेडिट लिमिट का लगातार बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करने से आपकी क्रेडिट प्रोफाइल (Cibil Score) पर भी असर पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें: क्रेडिट कार्ड के फायदे और नुकसान: क्या आपको Credit Card लेना चाहिए?

3. अपने खर्च के अनुसार सही क्रेडिट कार्ड चुनें

हर क्रेडिट कार्ड एक जैसा नहीं होता है। किसी कार्ड पर ऑनलाइन खरीदारी में ज्यादा फायदा मिलता है तो किसी पर यात्रा, फ्यूल या दूसरी श्रेणी में ज्यादा रिवॉर्ड मिलते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आप अक्सर पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं तो फ्यूल से जुड़े फायदे देने वाला कार्ड आपके लिए उपयोगी हो सकता है। यदि आपकी ज्यादातर खरीदारी ऑनलाइन होती है तो ऑनलाइन खरीदारी पर कैशबैक या रिवॉर्ड देने वाला कार्ड बेहतर रहेगा।

इसलिए कार्ड चुनने से पहले अपने पिछले तीन से छह महीने के खर्च देखें कि आप सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च करते हैं?

  • ऑनलाइन शॉपिंग
  • फ्यूल
  • यात्रा
  • किराना और रोजमर्रा का सामान
  • होटल और खाना
  • बिल भुगतान

इसके बाद उसी खर्च के अनुसार क्रेडिट कार्ड चुनें।

सिर्फ ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट देखकर कार्ड न लें। कार्ड की सालाना फीस, रिवॉर्ड की शर्तें और रिडीम करने के नियम को भी जरूर देखें।

4. ऑनलाइन खरीदारी के ऑफर जांचें

कई ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट और ऐप क्रेडिट कार्ड पर अलग से छूट या बैंक ऑफर देते हैं। इसलिए ऑनलाइन खरीदारी करते समय भुगतान से पहले उपलब्ध ऑफर जरूर जांचें।

कभी-कभी किसी खास बैंक के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर तुरंत छूट मिलती है। कुछ कार्ड कैशबैक या अतिरिक्त रिवॉर्ड पॉइंट भी देते हैं।

लेकिन यहां एक गलती बिल्कुल न करें। सिर्फ ऑफर मिलने की वजह से जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें।

यदि ₹10,000 की ऐसी चीज खरीद रहे हैं जिसकी आपको जरूरत ही नहीं है, तो ₹1,000 की छूट मिलने के बाद भी आपने ₹9,000 जरूरत से ज्यादा खर्च किए हैं। इसे बचत नहीं कहा जाएगा।

इसे भी पढ़ें: पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड लोन में कौन बेहतर है? ब्याज, EMI और छिपे चार्ज का पूरा सच

5. रिवॉर्ड पॉइंट समय पर रिडीम करें

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर कई कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट देते हैं। इन पॉइंट का इस्तेमाल कार्ड के नियमों के अनुसार वाउचर, खरीदारी, यात्रा या दूसरी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है।

समस्या यह है कि बहुत से लोग रिवॉर्ड पॉइंट जमा तो करते हैं, लेकिन उन्हें इस्तेमाल करना भूल जाते हैं। जबकि कुछ क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट की समय सीमा होती है और तय समय के बाद पॉइंट खत्म हो सकते हैं।

इसलिए हर एक या दो महीने में अपने कार्ड ऐप या स्टेटमेंट में रिवॉर्ड बैलेंस जरूर देखें। साथ ही यह भी जांचें कि रिवॉर्ड रिडीम करने पर कोई अलग शुल्क तो नहीं लिया जा रहा है।

6. क्रेडिट कार्ड से ATM से कैश निकालने से बचें

जानकारी की कमी में बहुत से लोग क्रेडिट कार्ड से ATM के जरिए कैश निकाल लेते हैं। यह क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने की महंगी गलतियों में से एक है।

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर आमतौर पर Cash Advance Fee यानी कैश निकालने का शुल्क लगता है। इसके अलावा निकाली गई रकम पर ब्याज भी लग सकता है।

सामान्य खरीदारी में मिलने वाली ब्याज मुक्त अवधि का फायदा कैश निकालने पर उसी तरह नहीं मिलता है। इसलिए क्रेडिट कार्ड को डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करके ATM से पैसे निकालने से बचें।

इसे भी पढ़ें- क्रेडिट कार्ड से ATM से कैश निकालना चाहिए या नहीं? जानें इसके चार्ज और नुकसान

7. बड़ी खरीदारी को EMI में बदलने से पहले खर्च देखें

क्रेडिट कार्ड से की गई बड़ी खरीदारी को EMI यानी किस्तों में बदलने की सुविधा मिल सकती है। इससे एकमुश्त बड़ी रकम चुकाने के बजाय हर महीने किस्त चुकाई जाती है।

लेकिन हर खरीदारी को EMI में बदलना सही नहीं है। EMI चुनने से पहले ये चार चीजें जरूर देखें:

  1. ब्याज दर कितनी है?
  2. प्रोसेसिंग फीस लग रही है या नहीं?
  3. कुल कितनी रकम चुकानी होगी?
  4. EMI समय से पहले बंद करने पर कोई चार्ज है या नहीं?

यदि आपके पास पूरा बिल चुकाने के लिए पैसा है तो सिर्फ छोटी EMI देखकर खरीदारी को किस्तों में बदलना जरूरी नहीं है।

लोन या EMI की सही लागत समझने के लिए Fincoloan का Loan EMI Calculator भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

8. क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल समय पर चुकाएं

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का सबसे जरूरी नियम है कि बिल समय पर और पूरा चुकाएं।

जब आप क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं चुकाते हैं तो ब्याज और लागू शुल्क की वजह से बकाया रकम बढ़ सकती है। लगातार भुगतान में देरी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

बिल की तारीख भूलने से बचने के लिए मोबाइल में रिमाइंडर लगाएं या बैंक की ऑटो-पे सुविधा का इस्तेमाल करें। लेकिन ऑटो-पे लगाने के बाद भी बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस जरूर रखें। खाते में पैसा नहीं होने पर भुगतान फेल हो सकता है।

9. केवल Minimum Due चुकाने की आदत न बनाएं

क्रेडिट कार्ड बिल में Minimum Due Amount यानी न्यूनतम देय राशि दिखाई देती है। बहुत से लोग इसे देखकर समझते हैं कि इतनी रकम चुकाने के बाद उनका पूरा बिल खत्म हो गया।

लेकिन ऐसा नहीं है। मिनिमम ड्यू चुकाने के बाद बाकी बकाया रकम अगले बिल में चली जाती है और उस पर कार्ड के नियमों के अनुसार ब्याज भी लग सकता है।

उदाहरण के लिए, आपका बिल ₹30,000 है और मिनिमम ड्यू ₹1,500 है। आपने ₹1,500 चुका दिए तो बाकी ₹28,500 का बकाया खत्म नहीं होगा और इस रकम पर आगे ब्याज लगना भी शुरू हो जाता है। इसलिए जहां तक संभव हो Total Amount Due यानी पूरा बिल चुकाएं।

इसे भी पढ़ें- क्रेडिट कार्ड Minimum Due Amount क्या होता है? सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने पर कितना नुकसान होगा समझें

10. बिना जरूरत ज्यादा क्रेडिट कार्ड न रखें

एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखना अपने आप में गलत नहीं है। सही तरीके से संभालने पर अलग-अलग कार्ड के फायदे लिए जा सकते हैं। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब आपके पास इतने कार्ड हो जाएं कि उनकी बिलिंग तारीख, सालाना फीस और भुगतान संभालना मुश्किल हो जाए।

ज्यादा कार्ड होने पर किसी कार्ड का बिल भूलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए उतने ही क्रेडिट कार्ड रखें जिन्हें आप आसानी से संभाल सकते हैं। यदि किसी कार्ड का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उसे बंद करने से पहले उसकी फीस, क्रेडिट हिस्ट्री और उपलब्ध कुल क्रेडिट लिमिट पर पड़ने वाले असर को समझें।

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का सबसे आसान नियम

यदि क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं तो एक बात हमेशा याद रखें: क्रेडिट कार्ड से वही खरीदें जिसे आप बिना क्रेडिट कार्ड के भी अपनी कमाई से खरीद सकते हैं।

कार्ड का इस्तेमाल भुगतान की सुविधा, रिवॉर्ड, कैशबैक और ब्याज मुक्त अवधि के लिए करें। अपनी खरीदने की क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं।

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निष्कर्ष (Conclusion)

क्रेडिट कार्ड कोई खराब वित्तीय सुविधा नहीं है। लेकिन इसका गलत इस्तेमाल इसे महंगा और नुकसानदायक बना देता है।

यदि आप बजट के अनुसार खर्च करते हैं, बिल समय पर पूरा चुकाते हैं, ATM से कैश निकालने से बचते हैं और रिवॉर्ड व ऑफर का समझदारी से इस्तेमाल करते हैं तो क्रेडिट कार्ड आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

वहीं क्रेडिट लिमिट को अपनी कमाई समझना, केवल मिनिमम ड्यू चुकाना और बिना जरूरत खरीदारी करना आपको क्रेडिट कार्ड के कर्ज में फंसा सकता है।

इसलिए कार्ड इस्तेमाल तो करें, लेकिन हर खरीदारी से पहले खुद से एक सवाल जरूर पूछें—क्या मैं इसका पूरा बिल समय पर चुका सकता हूं?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें?

क्रेडिट कार्ड से अपने बजट के अनुसार खर्च करें और हर महीने पूरा बिल समय पर चुकाएं। इसके साथ रिवॉर्ड, कैशबैक और ब्याज मुक्त अवधि का सही फायदा लें।

क्या क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट इस्तेमाल करनी चाहिए?

नहीं, क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट लगातार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अपनी जरूरत और बिल चुकाने की क्षमता के अनुसार ही खर्च करें।

क्या मिनिमम ड्यू चुकाना सही है?

मिनिमम ड्यू को नियमित भुगतान का तरीका बनाना सही नहीं है। इससे बाकी बकाया रकम बनी रहती है और उस पर ब्याज लग सकता है। पूरा बिल चुकाना बेहतर है।

क्या क्रेडिट कार्ड से कैश निकाल सकते हैं?

हां, कई क्रेडिट कार्ड से ATM के जरिए कैश निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर कैश एडवांस फीस और ब्याज लग सकता है। इसलिए इससे बचना बेहतर है।

कितने क्रेडिट कार्ड रखने चाहिए?

इसकी कोई एक तय संख्या सभी के लिए सही नहीं है। उतने ही कार्ड रखें जिनका बिल, फीस और इस्तेमाल आप आसानी से संभाल सकें।

क्या क्रेडिट कार्ड से CIBIL स्कोर बेहतर हो सकता है?

हां, समय पर भुगतान और जिम्मेदारी से क्रेडिट इस्तेमाल करने की आदत आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के लिए अच्छी रहती है। भुगतान में देरी और ज्यादा बकाया क्रेडिट प्रोफाइल को नुकसान पहुंचा सकता है।

अस्वीकरण: क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर, ब्याज मुक्त अवधि, रिवॉर्ड, कैश एडवांस फीस और दूसरी शर्तें बैंक व कार्ड के अनुसार अलग हो सकती हैं। कार्ड इस्तेमाल करने से पहले संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी की मौजूदा शर्तें जरूर जांचें।

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SBI क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें, SBI क्रेडिट कार्ड शुल्क, वार्षिक व रिन्युवल चार्ज

प्रवीन कुमार

प्रवीन कुमार एक फाइनेंस ब्लॉगर और कंटेंट राइटर हैं, जो पिछले 5 वर्षों से लोन, बैंकिंग, ईएमआई, क्रेडिट स्कोर, SIP, म्यूचुअल फंड, निवेश और वित्तीय जागरूकता जैसे विषयों पर लेख लिख रहे हैं। वे Fincoloan.com और Paisawale.in ब्लॉग के संस्थापक हैं। इन्होंने B.Ed तथा M.Sc. की शिक्षा प्राप्त की है और ‘फाइनेंशियल फ्रीडम कैसे पाएं: नौकरी से निवेश तक का सफर’ नामक हिंदी ई-बुक भी लिखी है।

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