क्रेडिट कार्ड से ₹10,000 नकद निकालने का एक तय खर्च सभी कार्ड पर लागू नहीं होता। अगर आपके कार्ड में 2.5% या कम से कम ₹500 नकद निकासी शुल्क, 3.75% मासिक ब्याज और 18% जीएसटी है, तो 10 दिन बाद पूरी रकम चुकाने पर लगभग ₹735 अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।
यानी इस उदाहरण में कुल भुगतान करीब ₹10,735 होगा। भुगतान में जितने दिन लगेंगे, ब्याज उतना बढ़ेगा।
यह हिसाब भारत में घरेलू एटीएम से एक बार में ₹10,000 निकालने का उदाहरण है। आपके कार्ड का असली शुल्क अलग हो सकता है।
₹10,000 निकालने का पूरा हिसाब
इस उदाहरण में ये शर्तें मानी गई हैं:
| शुल्क | मानी गई दर |
|---|---|
| नकद निकासी शुल्क | 2.5% या कम से कम ₹500 |
| ब्याज | 3.75% हर महीने |
| जीएसटी | शुल्क और ब्याज पर 18% |
| पूरा भुगतान | 10 दिन बाद |
1. नकद निकासी शुल्क
₹10,000 का 2.5%:
₹10,000 × 2.5 ÷ 100 = ₹250
लेकिन कार्ड में कम से कम शुल्क ₹500 है। इसलिए ₹250 की जगह ₹500 लगेंगे।
2. दस दिन का ब्याज
इस उदाहरण में दिन के हिसाब से ब्याज:
₹10,000 × 3.75% × 12 × 10 ÷ 365 = ₹123.29
यानी 10 दिन का ब्याज करीब ₹123 होगा।
3. जीएसटी
(₹500 शुल्क + ₹123.29 ब्याज) × 18% = ₹112.19
4. कुल अतिरिक्त खर्च
| खर्च | रकम |
|---|---|
| नकद निकासी शुल्क | ₹500.00 |
| 10 दिन का ब्याज | ₹123.29 |
| जीएसटी | ₹112.19 |
| कुल अतिरिक्त खर्च | ₹735.48 |
| निकाले गए ₹10,000 सहित कुल भुगतान | ₹10,735.48 |
आसान भाषा में कहें तो इस उदाहरण में ₹10,000 निकालकर 10 दिन बाद चुकाने पर लगभग ₹735 ज्यादा देने पड़ेंगे।
1 दिन, 10 दिन और 30 दिन में कितना खर्च होगा?
नीचे का हिसाब ऊपर वाली दरों पर है:
| पूरा भुगतान कब किया | ब्याज | शुल्क और जीएसटी सहित कुल अतिरिक्त खर्च |
|---|---|---|
| 1 दिन बाद | करीब ₹12 | करीब ₹605 |
| 10 दिन बाद | करीब ₹123 | करीब ₹735 |
| 30 दिन बाद | करीब ₹370 | करीब ₹1,026 |
नकद निकासी शुल्क शुरुआत में ही लग जाता है। जल्दी भुगतान करने से यह शुल्क नहीं हटता, लेकिन ब्याज कम रह सकता है।
ड्यू डेट से पहले भरने पर भी ब्याज क्यों लगेगा?
सामान्य खरीदारी में कुछ समय बिना ब्याज के मिल सकता है। क्रेडिट कार्ड से नकद निकालने पर आम तौर पर यह सुविधा नहीं मिलती। ब्याज नकद निकालने की तारीख से पूरा भुगतान होने तक चल सकता है।
इसलिए बिल बनने या ड्यू डेट आने का इंतजार करने से ब्याज बढ़ सकता है। निकाली गई रकम जितनी जल्दी चुकाई जाएगी, दिनों का ब्याज उतना कम रहेगा।
₹5,000 दो बार निकालना और महंगा पड़ सकता है
अगर कम से कम शुल्क हर निकासी पर ₹500 है, तो दो बार नकद निकालने पर शुल्क दो बार लग सकता है।
- एक बार में ₹10,000 निकाले: शुल्क ₹500
- दो बार ₹5,000 निकाले: ₹500 + ₹500 = ₹1,000
इसमें ब्याज और जीएसटी अभी शामिल नहीं हैं। इसलिए नकद को कई छोटी निकासी में बांटने से पहले हर बार लगने वाला शुल्क देखें।
अपने कार्ड का सही खर्च कैसे पता करें?
कार्ड के ऐप, बिल या मुख्य नियमों में ये चार बातें देखें:
- नकद निकासी शुल्क कितना है?
- क्या कोई कम से कम शुल्क तय है?
- नकद निकासी की मासिक ब्याज दर कितनी है?
- ब्याज किस दिन से और किस दिन तक गिना जाएगा?
सिर्फ ₹10,000 वापस जमा करके यह न मानें कि पूरा हिसाब खत्म हो गया। शुल्क, ब्याज और जीएसटी अलग से बकाया रह सकते हैं। ऐप में नया बकाया देखें या कार्ड जारी करने वाली संस्था से पूरी देय रकम पूछें।
अगर आप पूरी रकम की जगह केवल कम से कम जरूरी भुगतान करने वाले हैं, तो पहले समझें कि क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू भरने के बाद क्या होता है।
अक्सर पूछें जाने वाले सवाल जवाब
क्या उसी दिन पैसा लौटाने पर भी शुल्क लगेगा?
हां, नकद निकासी शुल्क आम तौर पर निकासी होते ही लग जाता है। ब्याज का हिसाब कार्ड के नियम के अनुसार होगा।
क्या ₹10,000 निकालने पर हमेशा ₹735 ही लगेंगे?
नहीं। ₹735 केवल ऊपर मानी गई दरों और 10 दिन में भुगतान का उदाहरण है। आपके कार्ड की फीस, ब्याज दर और भुगतान के दिन अलग हो सकते हैं।
क्या विदेशी एटीएम का खर्च भी इतना ही होगा?
जरूरी नहीं। विदेशी एटीएम से नकद निकालने पर मुद्रा बदलने का शुल्क और दूसरे लागू खर्च जुड़ सकते हैं। ऊपर का उदाहरण केवल भारत में घरेलू निकासी का है।
₹10,000 की नकद निकासी पर केवल एटीएम शुल्क नहीं, बल्कि पहले दिन से ब्याज और लागू जीएसटी भी जुड़ सकता है। निकासी से पहले कार्ड की सही दर देखें और नकद लेने के बाद पूरी देय रकम जल्द चुकाएं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दिया गया हिसाब एक उदाहरण है, किसी खास कार्ड का वादा या सलाह नहीं। शुल्क, ब्याज, जीएसटी और गणना का तरीका कार्ड के अनुसार बदल सकता है। नकद निकालने से पहले अपने कार्ड के नए नियम जरूर देखें।
स्रोत: Axis Bank—क्रेडिट कार्ड के मुख्य नियम और शुल्क · SBI Card—एटीएम नकद निकासी शुल्क
