नौकरी करने वाले व्यक्ति को हर महीने एक तय तारीख पर सैलरी मिलती है। उसकी सैलरी बैंक खाते में दिखाई देती है और वेतन पर्ची से आय का पता लगाना भी आसान होता है। लेकिन अपना बिजनेस, दुकान, क्लिनिक, फ्रीलांस काम या कोई दूसरा काम करने वाले व्यक्ति की कमाई हर महीने एक जैसी नहीं होती। किसी महीने कमाई अच्छी हो सकती है तो किसी महीने कम। इसी वजह से बहुत से Self Employed (स्वरोजगार करने वाले) लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि Self Employed लोगों को लोन कैसे मिलता है?
बहु से लोग यह भी मानते हैं कि नौकरी नहीं होने पर बैंक लोन नहीं देता। लेकिन यह बात सही नहीं है। Self Employed यानी खुद का काम करने वाले लोग भी पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, होम लोन, वाहन लोन, गोल्ड लोन और प्रॉपर्टी पर लोन सहित कई तरह के अन्य लोन भी ले सकते हैं। फर्क केवल इतना है कि बैंक उनकी आय और लोन चुकाने की क्षमता जांचने के लिए अलग दस्तावेज देख सकता है।
यदि आप दुकानदार, व्यापारी, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, ठेकेदार, फ्रीलांसर, ऑनलाइन काम करने वाले व्यक्ति या किसी छोटे-बड़े कारोबार से जुड़े हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है। इस पोस्ट में हम में बताएंगे कि Self Employed को लोन कैसे मिलेगा, बैंक किन बातों की जांच करता है, कौन-कौन से लोन लिए जा सकते हैं, किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है और आवेदन करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए।

Self Employed किसे कहा जाता है?
Self Employed उस व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी कंपनी या संस्था से तय मासिक सैलरी लेने की बजाय अपना काम, कारोबार या पेशा चलाकर कमाई करता है।
आसान भाषा में कहें तो यदि आपकी कमाई किसी नौकरी की सैलरी से नहीं बल्कि आपके अपने काम से आती है, तो आपको Self Employed माना जाता है।
इसमें कई तरह के लोग शामिल हो सकते हैं, जैसे:
- दुकानदार और व्यापारी
- छोटे या मध्यम कारोबार के मालिक
- डॉक्टर और क्लिनिक चलाने वाले
- वकील
- चार्टर्ड अकाउंटेंट
- आर्किटेक्ट
- ठेकेदार
- फ्रीलांसर
- कंसल्टेंट
- ऑनलाइन कारोबार करने वाले
- यूट्यूबर और डिजिटल काम से कमाई करने वाले
- साझेदारी में कारोबार करने वाले आदि
हर बैंक और वित्तीय संस्था स्वरोजगार करने वाले आवेदक की श्रेणी और पात्रता अपने नियमों के अनुसार तय करती है। इसलिए एक बैंक में जिस आय को स्वीकार किया जा रहा है, जरूरी नहीं कि दूसरे बैंक या सभी बैंक की जांच भी बिल्कुल वैसी ही हो।
Self Employed लोगों को लोन कैसे मिलता है?
सेल्फ-एम्प्लॉयड व्यक्ति को लोन देने से पहले बैंक सबसे पहले यह समझना चाहता है कि उसकी कमाई कहां से आती है और वह नियमित रूप से EMI चुका पाएगा या नहीं।
नौकरीपेशा व्यक्ति की आय वेतन पर्ची और सैलरी बैंक खाते से आसानी से जांची जा सकती है। वहीं Self Employed व्यक्ति के मामले में बैंक आयकर रिटर्न यानी ITR, बैंक स्टेटमेंट, कारोबार की वित्तीय जानकारी और दूसरे आय प्रमाण देख सकता है।
लोन की जांच के दौरान सामान्य रूप से बैंक या वित्तीय संस्था (Financial Institution) द्वारा इन बातों पर ध्यान दिया जाता है:
| जांच का आधार | बैंक क्या देख सकता है |
|---|---|
| आय | कारोबार या पेशे से होने वाली कमाई |
| ITR | घोषित वार्षिक आय और पुराना रिकॉर्ड |
| बैंक स्टेटमेंट | खाते में आने-जाने वाला पैसा |
| कारोबार की अवधि | काम कितने समय से चल रहा है |
| सिबिल स्कोर | पुराने लोन और भुगतान का रिकॉर्ड |
| मौजूदा EMI | पहले से कितना कर्ज चल रहा है |
| दस्तावेज | पहचान, पता और आय की जानकारी |
| गिरवी संपत्ति | सुरक्षित लोन में सोना, घर या दूसरी संपत्ति |
सीधी बात यह है कि अपना काम करने वाले व्यक्ति के पास सैलरी स्लिप नहीं होती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी आय साबित नहीं की जा सकती। सही ITR, बैंकिंग रिकॉर्ड और कारोबार से जुड़े दस्तावेज लोन आवेदन में काफी महत्वपूर्ण होते हैं।
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सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों को कौन-कौन से लोन मिल सकते हैं?
अपना काम करने वाला व्यक्ति केवल बिजनेस लोन ही नहीं ले सकता। जरूरत और पात्रता के अनुसार कई तरह के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
1. पर्सनल लोन
पर्सनल लोन व्यक्तिगत जरूरतों के लिए लिया जाने वाला असुरक्षित लोन है। इसका मतलब है कि सामान्य रूप से इसके बदले सोना, घर या दूसरी संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती।
Self Employed व्यक्ति शादी, मेडिकल खर्च, यात्रा, घर की मरम्मत या दूसरी व्यक्तिगत जरूरत के लिए पर्सनल लोन ले सकता है।
लेकिन यहां एक जरूरी बात समझें। सभी बैंकों के पर्सनल लोन Self Employed लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होते। कुछ बैंक अपने खास पर्सनल लोन केवल नौकरीपेशा ग्राहकों के लिए रखते हैं, जबकि कुछ बैंक या NBFC नियमित आय वाले कारोबारियों और पेशेवर लोगों को भी लोन देते हैं।
इसलिए आवेदन से पहले संबंधित लोन की पात्रता जरूर देखें।
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2. बिजनेस लोन
यदि पैसों की जरूरत कारोबार के लिए है, तो बिजनेस लोन ज्यादा सही विकल्प हो सकता है।
इस राशि का उपयोग कारोबार बढ़ाने, मशीन खरीदने, दुकान में माल भरने, नया कार्यालय खोलने, कर्मचारियों से जुड़े खर्च या कारोबार की दूसरी जरूरतों में किया जा सकता है।
Self Employed लोगों के लिए यह प्रमुख लोन विकल्पों में से एक है। बहुत से बैंक व NBFC द्वारा अपना बिजनेस करने वालों के लिए छोटे, मध्यम और बड़े बिजनेस लोन की अलग-अलग योजनाएं उपलब्ध हैं।
बिजनेस लोन में बैंक आपके कारोबार की उम्र, बिक्री, बैंक खाते में लेनदेन, लाभ, ITR और पुराने कर्ज की जांच कर सकता है।
3. होम लोन
अपना कारोबार या पेशा चलाने वाला व्यक्ति भी घर खरीदने, घर बनवाने या कुछ मामलों में घर की मरम्मत से जुड़ी जरूरत के लिए होम लोन के लिए आवेदन कर सकता है।
होम लोन मे बैंक आय की स्थिरता समझने के लिए पिछले वर्षों की वित्तीय जानकारी और ITR मांग सकता है। क्योंकि होम लोन की अवधि लंबी होती है और राशि भी बड़ी हो सकती है, इसलिए भुगतान क्षमता की जांच काफी महत्वपूर्ण रहती है।
यदि होम लोन आवेदन मे पति-पत्नी या परिवार का कोई पात्र सदस्य सह-आवेदक बनता है और उसकी आय भी स्वीकार की जाती है, इससे होम लोन पात्रता पर अच्छा असर पड़ता है।
4. कार लोन और बाइक लोन
दुकानदार, व्यापारी, फ्रीलांसर या दूसरा स्वयं का व्यवसाय करत्ने वाले व्यक्ति कार और बाइक खरीदने के लिए वाहन लोन भी ले सकता है।
वाहन लोन में खरीदा गया वाहन ही लोन से जुड़ी सुरक्षा रहता है। बैंक Self Employed आवेदक से आय का प्रमाण, ITR और बैंक स्टेटमेंट मांग सकता है।
वाहन लोन लेते समय आप केवल EMI न देखें। बल्कि डाउन पेमेंट, ब्याज, प्रोसेसिंग फीस और वाहन की कुल कीमत का भी हिसाब लगाएं।
5. गोल्ड लोन
यदि आपके पास सोने के गहने हैं, तो गोल्ड लोन Self Employed लोगों के लिए एक आसान विकल्प बन सकता है।
इसमें सोना बैंक या लोन देने वाली संस्था के पास गिरवी रखा जाता है। लोन राशि सोने की जांच और लागू नियमों के आधार पर तय होती है।
गोल्ड लोन में आपकी आय का रिकॉर्ड पर्सनल लोन या बाकी लोन जितना महत्वपूर्ण नहीं रहता, क्योंकि लोन के बदले सोना सुरक्षा के रूप में मौजूद होता है। फिर भी KYC और संस्था की दूसरी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
यदि कारोबार में थोड़े समय के लिए पैसे की जरूरत है, तो बिना जांचे महंगा इंस्टेंट लोन लेने की बजाय गोल्ड लोन की लागत की तुलना करना उपयोगी हो सकता है।
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6. प्रॉपर्टी पर लोन
यदि आपके नाम पर कोई मकान या दूसरी स्वीकार की जाने वाली संपत्ति है, तो उसके बदले Loan Against Property यानी प्रॉपर्टी पर लोन लिया जा सकता है।
इस लोन में यह संपत्ति बैंक के पास गिरवी रहती है। खासकर बड़ी राशि की जरूरत होने पर यह विकल्प उपयोगी हो सकता है। बिजनेस लोन के तहत Self Employed आवेदक से पिछले कुछ महीने या वर्षों की वित्तीय जानकारी भी मांगी जा सकती है।
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7. एजुकेशन लोन
सेल्फ-एम्प्लॉयड (स्वरोजगार) माता-पिता अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन में सह-आवेदक बन सकते हैं।
ऐसी स्थिति में बैंक माता-पिता या सह-आवेदक की आय और भुगतान क्षमता की जांच करता है। Self Employed सह-आवेदक से ITR, बैंक स्टेटमेंट और कारोबार से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
लोन राशि, पढ़ाई का कोर्स, कॉलेज, देश और लोन की शर्तों के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेज या सुरक्षा की जरूरत भी पड़ सकती है।
8. FD पर लोन
यदि आपके पास Fixed Deposit यानी FD है, तो उसके बदले आपको लोन या ओवरड्राफ्ट सुविधा मिल सकती है।
इसमें FD सुरक्षा के रूप में बैंक के पास रहती है। इसलिए कारोबार की आय कम-ज्यादा होने के बावजूद FD रखने वाले Self Employed व्यक्ति के लिए यह लोन के लिए आसान विकल्प हो सकता है।
लेकिन FD तोड़ने और उसके बदले लोन लेने की लागत की तुलना जरूर करें। ब्याज और दूसरे नियम बैंक के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं।
लोन के लिए पात्रता क्या होती है?
Self Employed लोगों के लिए कोई एक पात्रता नियम सभी बैंकों और सभी लोन पर लागू नहीं होता। पर्सनल लोन, बिजनेस लोन और होम लोन की शर्तें अलग हो सकती हैं। फिर भी सामान्य रूप से इन बातों की जांच होती है।
1. आय नियमित होनी चाहिए
हर महीने बिल्कुल समान कमाई होना जरूरी नहीं है। कारोबार में कमाई ऊपर-नीचे होना सामान्य है। लेकिन आपके पुराने वित्तीय रिकॉर्ड से यह दिखाई देना चाहिए कि आय का स्रोत चल रहा है और आप EMI चुका सकते हैं।
2. कारोबार या पेशा चल रहा होना चाहिए
कई लोन में बैंक यह देखता है कि आपका कारोबार कितने समय से चल रहा है। बिल्कुल नया कारोबार होने पर बिना सुरक्षा वाला बड़ा लोन मिलना कठिन हो सकता है।
3. ITR महत्वपूर्ण है
Self Employed आवेदक के लिए ITR आय दिखाने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यदि आपकी वास्तविक कमाई अच्छी है, लेकिन ITR में बहुत कम आय दिखाई गई है, तो बैंक लोन पात्रता तय करते समय उपलब्ध घोषित आय और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड को भी देखेगा।
इसलिए केवल लोन लेने से कुछ महीने पहले आय का रिकॉर्ड मजबूत दिखाने की कोशिश करने की बजाय लंबे समय तक सही वित्तीय रिकॉर्ड रखना बेहतर रहता है।
4. सिबिल स्कोर और भुगतान रिकॉर्ड
अच्छा सिबिल स्कोर लोन आवेदन में काफी मदद करता है। सामान्य रूप से 750 या उससे अधिक स्कोर को अच्छा माना जाता है, लेकिन केवल 750 स्कोर होने से लोन स्वीकृति तय नहीं होती।
यदि पुराने लोन की EMI देर से जमा की गई है, क्रेडिट कार्ड पर बड़ा बकाया है या भुगतान में चूक हुई है, तो इसका असर नए लोन के आवेदन पर पड़ सकता है।
5. मौजूदा कर्ज कितना है?
यदि आपकी आय का बड़ा हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है, तो नया लोन चुकाना बैंक की नीति के अनुसार कठिन माना जा सकता है।
आप Fincoloan के Loan Eligibility Calculator से अपनी आय, मौजूदा EMI, अनुमानित ब्याज दर और सिबिल स्कोर के आधार पर संभावित पात्रता का अनुमान लगा सकते हैं। यह टूल पर्सनल, होम, कार, बिजनेस, गोल्ड और प्रॉपर्टी पर लोन जैसे कई विकल्पों के बारे मे संभावित पात्रता दिखाता है।
लोन के लिए कौन कौन से दस्तावेज चाहिए?
लोन के प्रकार और बैंक के अनुसार दस्तावेज बदल सकते हैं। फिर भी सामान्य रूप से निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड या दूसरा स्वीकार पहचान प्रमाण
- पैन कार्ड
- पते का प्रमाण
- पासपोर्ट आकार की फोटो
- पिछले महीनों का बैंक स्टेटमेंट
- पिछले वर्षों का ITR
- बिजनेस मे लाभ-हानि विवरण
- बिजनेस बैलेंस शीट
- कारोबार का प्रमाण
- GST से जुड़े दस्तावेज, जहां लागू हों
- दुकान या कारोबार पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज
- पेशेवर योग्यता का प्रमाण, जहां जरूरी हो
- साझेदारी कारोबार में Partnership Deed
- कंपनी से जुड़े दस्तावेज, जहां लागू हों
- सुरक्षित लोन में संपत्ति, सोना, FD या दूसरी सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज
दस्तावेजों की सूची सभी लोन में समान नहीं होती। इसलिए आवेदन से पहले बैंक की मांगी गई सूची जरूर जांचें।
बैंक आय कैसे जांचता है?
लोन के लिए यही वह हिस्सा है जहां Self Employed और नौकरीपेशा व्यक्ति के लोन आवेदन में सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है।
बैंक केवल यह नहीं देखता कि आपने आवेदन फॉर्म में मासिक आय कितनी लिखी है। आय से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाती है।
1. ITR से आय का रिकॉर्ड
पिछले वर्षों के ITR से घोषित आय का पता चलता है। लगातार ITR दाखिल करने पर बैंक को आपकी आय का पुराना रिकॉर्ड समझने में मदद मिलती है।
2. बैंक स्टेटमेंट से लेनदेन
बैंक स्टेटमेंट से खाते में आने-जाने वाले पैसे, नियमित जमा और मौजूदा EMI का पता चल सकता है।
यदि कारोबार की अधिकतर कमाई नकद में होती है और बैंक खाते में लेनदेन बहुत कम दिखाई देता है, तो आय साबित करना मुश्किल हो सकता है।
3. कारोबार की वित्तीय जानकारी
लाभ-हानि विवरण और बैलेंस शीट से कारोबार की आर्थिक स्थिति समझी जाती है।
बैंक यह देखता है कि कारोबार लाभ में है या नहीं और उस पर पहले से कितना कर्ज है।
4. पुराने लोन का भुगतान
लोन आवेदन के समय, आपने पुराने लोन कैसे चुकाए, यह भी महत्वपूर्ण है। समय पर EMI जमा करने का रिकॉर्ड आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत रखने में मदद करता है।
ITR मे कम इनकम होने पर लोन मिलेगा या नहीं?
ITR मे कम इनकम दिखाई देने पर लोन मिलना पूरी तरह बंद नहीं होता, लेकिन बिना सुरक्षा वाले बड़े लोन की पात्रता कम हो सकती है।
यदि बैंक के पास आपकी पर्याप्त आय साबित करने वाला रिकॉर्ड नहीं है, तो वह बड़ी EMI चुकाने की आपकी क्षमता पर संदेह कर सकता है।
ऐसी स्थिति में गोल्ड लोन, FD पर लोन या प्रॉपर्टी पर लोन जैसे सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं, बशर्ते आपके पास संबंधित पात्र संपत्ति या जमा रकम (FD) हो और आप लोन की शर्तें पूरी करते हों।
Self Employed व्यक्ति लोन के लिए आवेदन कैसे करे?
सबसे पहले यह तय करें कि पैसे की जरूरत किस काम के लिए है। कारोबार के लिए पैसा चाहिए तो बिजनेस लोन देखें। घर के लिए है तो होम लोन और वाहन के लिए वाहन लोन की तुलना करें। व्यक्तिगत जरूरत में पर्सनल लोन लेने का विचार बनाए।
इसके बाद अपनी आय, मौजूदा EMI और सिबिल स्कोर की स्थिति समझें। बिना पात्रता देखे एक साथ कई बैंकों में आवेदन करने से बचें।
अगले चरण में आपके द्वारा चुने हुए लोन की 2 से 3 बैंकों या वित्तीय संस्थाओं की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, लोन अवधि और समय से पहले भुगतान के नियमों की तुलना करें।
फिर सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करें और बैंक की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या शाखा से सुरक्षित तरीके से आवेदन करें।
आवेदन के बाद बैंक द्वारा आपकी पहचान, आय, कारोबार और क्रेडिट रिकॉर्ड की जांच की जाती है। सुरक्षित लोन में संपत्ति या दूसरी सुरक्षा की जांच भी होती है।
यदि सभी चीजें बैंक की शर्तों के अनुरूप होती है तो आपको लोन ऑफर किया जाएगा जिसमे लोन की EMI, ब्याज दर, कुल भुगतान रकम और सभी शुल्क समझने के बाद ही उसे स्वीकार करें।
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EMI पहले कैलकुलेट करना क्यों जरूरी है?
Self Employed व्यक्ति की आय हर महीने समान नहीं रहती है। इसलिए EMI तय करते समय केवल सबसे अच्छी कमाई वाले महीने को आधार बनाना गलत हो सकता है।
मान लीजिए किसी दुकानदार की अच्छी बिक्री वाले महीने में ₹50 हजार की कमाई होती है, लेकिन सामान्य महीनों में आय ₹20,000 से ₹40,000 रहती है। यदि वह ₹50 हजार की आय देखकर बड़ी EMI वाला लोन लेता है, तो कम बिक्री वाले महीनों में ईएमआई का भुगतान कठिन हो सकता है। इसलिए अपना बिजनेस करने वाले व्यक्ति को EMI तय करते समय अपनी औसत और कमजोर महीनों की आय भी ध्यान में रखनी चाहिए।
लोन लेने से पहले हमारे Loan EMI Calculator में लोन राशि, ब्याज दर और अवधि दर्ज करके मासिक EMI, कुल ब्याज और कुल भुगतान का अनुमान लगाया जा सकता है।
लोन मिलने की संभावना बेहतर करने के लिए क्या करें?
Self Employed लोगों को लोन आवेदन करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और कारोबार के रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए। लोन मिलने की संभावना बेहतर करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- व्यक्तिगत और कारोबार के पैसों का रिकॉर्ड अलग और साफ रखें।
- जहां संभव हो, कारोबार से जुड़े लेनदेन बैंक खाते के माध्यम से करें।
- हर साल समय पर ITR दाखिल करें और आय की सही जानकारी दें।
- पुराने लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर करें।
- कम समय में कई बैंक या लोन कंपनियों में आवेदन करने से बचें।
- लोन लेने से पहले अपनी जरूरत और पात्रता को समझें।
- पहले से कई EMI चल रही हैं तो नया लोन लेने से पहले मौजूदा कर्ज कम करें।
- कारोबार की आय और खर्च का सही हिसाब रखें।
- बैंक स्टेटमेंट और कारोबार से जुड़े जरूरी दस्तावेज सही रखें।
- अपनी वास्तविक भुगतान क्षमता के अनुसार ही लोन और EMI चुनें।
केवल कारोबार में ज्यादा बिक्री होना पर्याप्त नहीं है। बैंक यह भी देखता है कि खर्च और मौजूदा कर्ज के बाद आपके पास लोन की EMI चुकाने के लिए कितनी आय बचती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. क्या Self Employed व्यक्ति को लोन मिल सकता है?
उत्तर: हां, Self Employed व्यक्ति पात्रता और बैंक की शर्तें पूरी करने पर कई तरह के लोन के लिए आवेदन कर सकता है।
प्रश्न 2. बिना सैलरी स्लिप के लोन कैसे मिलेगा?
उत्तर: Self Employed आवेदक के पास सैलरी स्लिप नहीं होती। उसकी आय की जांच ITR, बैंक स्टेटमेंट और कारोबार से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों से की जा सकती है।
प्रश्न 3.सेल्फ-एम्प्लॉयड (स्वरोजगार) के लिए कौन सा लोन अच्छा है?
उत्तर: यह पैसों की जरूरत पर निर्भर करता है। कारोबार के लिए बिजनेस लोन, घर के लिए होम लोन, व्यक्तिगत खर्च के लिए पर्सनल लोन और पात्र संपत्ति होने पर सुरक्षित लोन देखा जा सकता है।
प्रश्न 4. क्या कम सिबिल स्कोर पर सेल्फ-एम्प्लॉयड को लोन मिलेगा?
उत्तर: कम सिबिल स्कोर पर बिना सुरक्षा वाला लोन मिलना कठिन हो सकता है। बैंक आय, मौजूदा कर्ज और भुगतान रिकॉर्ड की भी जांच करता है। पात्र सोना, FD या संपत्ति होने पर सुरक्षित लोन के विकल्प देखे जा सकते हैं।
प्रश्न 5. क्या ITR के बिना लोन मिल सकता है?
उत्तर: हां, कुछ सुरक्षित लोन में ITR की जरूरत अलग हो सकती है। लेकिन पर्सनल, बिजनेस और बड़े होम लोन में Self Employed आवेदक की आय जांच के लिए ITR महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकता है।
प्रश्न 6. क्या फ्रीलांसर को लोन मिलता है?
उत्तर: हां, नियमित और साबित की जा सकने वाली आय वाले फ्रीलांसर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम स्वीकृति लोन देने वाली संस्था की पात्रता जांच पर निर्भर करती है।
प्रश्न 7. क्या दुकानदार पर्सनल लोन ले सकता है?
उत्तर: हां, ऐसे बैंक या NBFC में आवेदन किया जा सकता है जो पात्र Self Employed आवेदकों को पर्सनल लोन देते हैं। सभी बैंकों के पर्सनल लोन दुकानदारों के लिए उपलब्ध नहीं होते।
प्रश्न 8. Self Employed को ज्यादा लोन कैसे मिल सकता है?
उत्तर: नियमित आय रिकॉर्ड, सही ITR, साफ बैंकिंग लेनदेन, अच्छा सिबिल स्कोर और कम मौजूदा कर्ज लोन पात्रता को मजबूत कर सकते हैं।
प्रश्न 9. क्या कारोबार की कमाई नकद में होने पर लोन मिलने में परेशानी होती है?
उत्तर: यदि कमाई का पर्याप्त रिकॉर्ड बैंक खाते, ITR और कारोबार के वित्तीय दस्तावेजों में दिखाई नहीं देता, तो आय साबित करना कठिन हो सकता है।
प्रश्न 10. क्या Self Employed व्यक्ति ऑनलाइन लोन आवेदन कर सकता है?
उत्तर: हां, कई बैंक और वित्तीय संस्थाएं ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देती हैं। आवेदन केवल बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था की सही वेबसाइट या मोबाइल ऐप से करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
Self Employed लोगों को लोन मिल सकता है। नौकरी और सैलरी स्लिप नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि बैंक लोन आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। दुकानदार, व्यापारी, डॉक्टर, वकील, फ्रीलांसर और दूसरे खुद का काम करने वाले लोग अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, होम लोन, वाहन लोन, गोल्ड लोन, प्रॉपर्टी पर लोन, एजुकेशन लोन और FD पर लोन जैसे विकल्प देख सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख सामान्य जानकारी और वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। लोन की पात्रता, दस्तावेज, ब्याज दर, लोन राशि और अन्य नियम बैंक, NBFC, लोन के प्रकार और आवेदक की वित्तीय स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। लेख में बैंक, RBI और उपलब्ध वित्तीय संस्थाओं की सार्वजनिक जानकारी का उपयोग किया गया है। Fincoloan.com किसी बैंक या वित्तीय संस्था का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है और लोन स्वीकृति की गारंटी नहीं देता। आवेदन से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की नवीनतम शर्तें और शुल्क जरूर जांचें। Fincoloan के कैलकुलेटर अनुमानित परिणाम देते हैं, वास्तविक लोन राशि, EMI और ब्याज अलग हो सकते हैं।
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