मासिक आय अधिक होने के बाद भी कई EMI चल रही हों तो नया कर्ज संभालना कठिन हो सकता है। कर्ज-से-आय अनुपात यानी Debt-to-Income (DTI) Ratio बताता है कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से कर्ज चुकाने में जा रहा है। इससे अपने बजट और नई EMI के लिए बची क्षमता का शुरुआती अनुमान लगाया जा सकता है।
कर्ज-से-आय अनुपात कैलकुलेटर
नया लोन लेने से पहले अपने कर्ज और आय का अनुपात जानें
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कर्ज-से-आय अनुपात क्या है?
DTI एक प्रतिशत है, जो कुल मासिक कर्ज भुगतान की तुलना मासिक आय से करता है। इसकी गणना इस सूत्र से होती है:
DTI = कुल मासिक कर्ज भुगतान ÷ मासिक आय × 100
उदाहरण के लिए, मासिक आय ₹60,000 और सभी कर्जों की कुल EMI ₹18,000 है, तो DTI 30% होगा। इसका अर्थ है कि आय का 30% हिस्सा मौजूदा कर्ज भुगतान में जा रहा है।
यह अनुपात नया लोन मिलने की गारंटी नहीं देता। बैंक आय के प्रमाण, क्रेडिट रिकॉर्ड, नौकरी या कारोबार की स्थिति, उम्र, लोन के प्रकार और अपनी आंतरिक नीति की भी जांच करता है।
मासिक कर्ज भुगतान में क्या शामिल करें?
गणना में वे सभी नियमित भुगतान शामिल करें जिन्हें हर महीने कर्ज के रूप में चुकाना होता है, जैसे:
- होम, पर्सनल, वाहन या शिक्षा लोन की EMI
- गोल्ड लोन या बिजनेस लोन की मासिक किस्त
- क्रेडिट कार्ड की नियमित देय राशि
- किसी दूसरे चल रहे कर्ज का मासिक भुगतान
किराया, राशन, बिजली बिल और सामान्य घरेलू खर्च DTI के कर्ज वाले हिस्से में शामिल नहीं होते। फिर भी नया लोन लेने से पहले इन खर्चों को अलग से बजट में रखना जरूरी है। केवल कम DTI का अर्थ यह नहीं है कि पूरी बची आय नई EMI में लगाई जा सकती है।
DTI परिणाम को कैसे समझें?
कम DTI बताता है कि आय का छोटा हिस्सा कर्ज में जा रहा है। DTI बढ़ने पर घरेलू खर्च, बचत और अचानक आने वाले खर्चों के लिए उपलब्ध रकम कम होती जाती है।
सभी बैंकों के लिए कोई एक तय “अच्छा DTI” लागू नहीं होता। स्वीकार सीमा आवेदक की आय, लोन के प्रकार और संस्था के नियमों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए कैलकुलेटर में दिखाई गई श्रेणी को व्यक्तिगत बजट का संकेत मानें, बैंक की मंजूरी का नियम नहीं।
नई EMI जोड़ने के बाद भी गणना करें:
नया DTI = (मौजूदा EMI + प्रस्तावित नई EMI) ÷ मासिक आय × 100
इससे पता चलता है कि नया लोन शुरू होने के बाद आय पर कुल मासिक दबाव कितना होगा। प्रस्तावित EMI अलग से निकालने के लिए लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल किया जा सकता है।
DTI और FOIR में क्या अंतर है?
DTI व्यक्तिगत बजट समझने का सामान्य अनुपात है। बैंक और वित्तीय संस्थाएं लोन की जांच में FOIR (Fixed Obligations to Income Ratio) या अपनी समान आंतरिक गणना इस्तेमाल कर सकती हैं। इसमें संस्था यह देखती है कि निश्चित मासिक देनदारियों के बाद नई EMI के लिए कितनी आय बचती है।
कौन-सी आय और देनदारी स्वीकार की जाएगी, इसकी गणना हर संस्था में एक जैसी होना जरूरी नहीं है। इसी कारण कैलकुलेटर का DTI और बैंक द्वारा निकाला गया अनुपात अलग हो सकता है। संभावित लोन राशि के अलग अनुमान के लिए लोन पात्रता कैलकुलेटर देखें।
DTI कम करने पर क्या बदलता है?
DTI तभी कम होगा जब मासिक कर्ज भुगतान घटे या नियमित आय बढ़े। इसके लिए किसी छोटे लोन को पूरा चुकाना, महंगे बकाया को कम करना या उपलब्ध अतिरिक्त रकम से मूलधन घटाना उपयोगी हो सकता है। लोन प्री-पेमेंट कैलकुलेटर से अतिरिक्त भुगतान का ब्याज और अवधि पर संभावित प्रभाव देखा जा सकता है।
बैलेंस ट्रांसफर या रीस्ट्रक्चर से मासिक EMI कम हो सकती है, लेकिन अवधि बढ़ने पर कुल ब्याज बढ़ भी सकता है। इसलिए केवल DTI घटने को फायदा न मानें। लोन बैलेंस ट्रांसफर कैलकुलेटर या लोन रीस्ट्रक्चर कैलकुलेटर से कुल लागत की भी तुलना करें।
DTI और क्रेडिट स्कोर अलग बातें हैं। DTI आय के मुकाबले मौजूदा कर्ज भुगतान दिखाता है, जबकि क्रेडिट रिपोर्ट पुराने भुगतान और क्रेडिट खातों का रिकॉर्ड बताती है। दोनों का अंतर सिबिल स्कोर की पूरी जानकारी में समझा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या DTI अधिक होने से नया लोन नहीं मिलेगा?
केवल DTI से मंजूरी या अस्वीकृति तय नहीं होती। बैंक आय, मौजूदा देनदारी, क्रेडिट रिपोर्ट, दस्तावेज और अपने नियमों के आधार पर पूरा आवेदन जांचता है।
क्या घरेलू खर्च DTI में शामिल होते हैं?
सामान्य DTI गणना में घरेलू खर्च शामिल नहीं होते। लेकिन अपनी सुरक्षित EMI तय करते समय किराया, राशन, बचत और दूसरे जरूरी खर्च अलग से घटाने चाहिए।
क्या अधिक आय होने से DTI कम हो जाएगा?
यदि मासिक कर्ज भुगतान समान रहे और नियमित आय बढ़े, तो DTI कम होगा। नया कर्ज या अधिक EMI जुड़ने पर यह दोबारा बढ़ सकता है।
क्या DTI का सिबिल स्कोर पर सीधा असर पड़ता है?
DTI सीधे सिबिल स्कोर का हिस्सा नहीं है। लेकिन अधिक कर्ज के कारण भुगतान में देरी या चूक होने पर क्रेडिट रिकॉर्ड प्रभावित हो सकता है।
अस्वीकरण: यह कैलकुलेटर सामान्य जानकारी और शुरुआती बजट अनुमान के लिए है। वास्तविक पात्रता और स्वीकार देनदारी बैंक या वित्तीय संस्था की गणना तथा आवेदक की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
