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स्वतंत्र वित्तीय जानकारी — सरल हिंदी में लेखक: प्रवीन कुमार
पर्सनल लोन

पर्सनल लोन नहीं चुका पाए तो क्या होगा? जानें CIBIL, रिकवरी एजेंट और कानूनी कार्रवाई

पर्सनल लोन नहीं चुका पाए तो क्या होगा, CIBIL स्कोर, रिकवरी एजेंट और कानूनी कार्रवाई को दर्शाती इमेज

पर्सनल लोन लेते समय सबसे ज्यादा ध्यान लोन की रकम और EMI पर रहता है, लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती है जब किसी वजह से EMI भरना मुश्किल हो जाता है। जब नौकरी चली जाए, आमदनी कम हो जाए, अचानक बड़ा खर्च आ जाए या पहले से चल रहे कई कर्जों का बोझ बढ़ जाए, तो ऐसे में लोन की किस्त समय पर भरना कठिन हो सकता है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि personal loan nhi chuka paye to kya hoga in Hindi, तो इस लेख में आपको EMI मिस होने से लेकर क्रेडिट स्कोर पर असर, रिकवरी एजेंट की भूमिका, 90 दिन से ज्यादा बकाया रहने पर खाते की स्थिति, कानूनी कार्रवाई, वेतन से वसूली, गारंटर पर असर और लोन डिफॉल्ट से बाहर निकलने के व्यावहारिक तरीकों की पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी।

पर्सनल लोन नहीं चुका पाए तो सबसे पहले क्या होगा?

अगर किसी महीने आपकी पर्सनल लोन की EMI समय पर जमा नहीं होती है, तो इसे सीधे नजरअंदाज करना सही नहीं है। भुगतान की तय तारीख निकलने के बाद बकाया राशि पर आपके लोन समझौते के अनुसार लागू शुल्क लग सकते हैं और भुगतान में देरी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी दर्ज हो सकती है।
लोन की EMI ना चुका पाने पर निम्न स्तिथि आ सकती है-

स्थितिक्या हो सकता है
EMI की तारीख निकल गईEMI बकाया (Overdue) होगी
भुगतान में देरी हुईलागू शुल्क लग सकते हैं
भुगतान लगातार नहीं हुआक्रेडिट रिपोर्ट पर नकारात्मक असर पड़ सकता है
बकाया लंबे समय तक बना रहाबैंक/NBFC की वसूली प्रक्रिया शुरू हो सकती है
90 दिन से ज्यादा बकायाबैंक के नियमों के अनुसार खाता NPA हो सकता है
लगातार भुगतान नहीं कियाकानूनी वसूली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है

ध्यान रखें कि हर बैंक और NBFC की आंतरिक प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती। इसलिए ऊपर दी गई प्रक्रिया को एक सामान्य क्रम के रूप में समझें।

एक EMI नहीं भर पाए तो क्या होगा?

अगर सिर्फ एक EMI नहीं भर पाए हैं, तो सबसे पहले समस्या को छोटा समझकर छोड़ना नहीं चाहिए।

आपको तुरंत अपने बैंक या NBFC से संपर्क करके यह पता करना चाहिए कि:

  • कुल कितना बकाया है?
  • कौन-से शुल्क लगे हैं?
  • अगली EMI की तारीख क्या है?
  • बकाया जमा करने का सही तरीका क्या है?
  • क्या भुगतान की कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है?

आपको ये बात भी समझनी है कि लोन का भुगतान इतिहास ‘क्रेडिट स्कोर‘ का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देर से भुगतान, छूटी हुई EMI तथा बकाया राशि आपके CIBIL Score को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इसलिए अगर संभव हो तो बकाया EMI को जल्द से जल्द नियमित करना बेहतर है।

दो या तीन EMI नहीं भर पाए तो क्या होगा?

जब एक के बजाय लगातार कई EMI बकाया हो जाती हैं, तो स्थिति और ज्यादा गंभीर होने लगती है।

इस स्थिति में बैंक या NBFC की ओर से:

  • फोन कॉल और ज्यादा आ सकते हैं
  • संदेश और ईमेल भेजे जा सकते हैं
  • बकाया राशि की जानकारी दी जाती है
  • भुगतान के लिए संपर्क किया जा सकता है
  • वसूली विभाग से संपर्क हो सकता है
  • आगे चलकर रिकवरी एजेंट की मदद ली जा सकती है

अगर आप लगातार संपर्क से बचते हैं, तो समस्या खत्म नहीं होती बल्कि वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

इसलिए अगर आपके पास पूरी EMI भरने के लिए पैसे नहीं हैं, तब भी बैंक से बातचीत बंद न करें।

90 दिन तक EMI नहीं भरी तो क्या होता है?

RBI के नियमों के अनुसार किसी टर्म लोन, में मूलधन या ब्याज की किस्त 90 दिनों से ज्यादा समय तक overdue रहने पर खाता Non-Performing Asset यानी NPA की श्रेणी में जा सकता है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि 90 दिन पूरे होते ही आपके घर पुलिस आ जाएगी या आपको जेल हो जाएगी।

बल्कि NPA मुख्य रूप से बैंक की ऋण खाते को वर्गीकृत करने की प्रक्रिया है। लेकिन लंबे समय तक भुगतान न होने पर आपकी वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रिकॉर्ड पर गंभीर असर पड़ सकता है तथा वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

इसलिए 90 दिन तक इंतजार करके समाधान निकालने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है। परेशानी शुरू होते ही बैंक से बात करना बेहतर है।

इसे भी पढ़ें: आमदनी कम हो गई है और EMI ज्यादा है तो क्या करें? लोन का बोझ कम करने के तरीके

पर्सनल लोन नहीं चुकाने पर CIBIL Score पर क्या असर होता है?

पर्सनल लोन की EMI समय पर ना भरने का सबसे बड़ा असर आपके CIBIL Score और क्रेडिट रिपोर्ट पर पड़ता है। क्योंकि समय पर लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान करना आपके क्रेडिट रिकॉर्ड के लिए बहुत जरूरी होता है।

अगर EMI देर से भरी जाती है या भुगतान में चूक होती है, तो इसकी जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है और CIBIL Score पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सिबिल स्कोर कितने अंक गिरता है?

हर व्यक्ति की क्रेडिट रिपोर्ट अलग होती है। भुगतान का पुराना रिकॉर्ड, बकाया रकम, पहले से चल रहे लोन और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल जैसी कई बातों के आधार पर असर अलग-अलग हो सकता है।

इसलिए यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि CIBIL Score कितने अंक तक गिरेगा। फिर भी यह जानना जरूरी है कि जितने लंबे समय तक भुगतान में चूक बनी रहेगी, उतना क्रेडिट रिकॉर्ड पर बुरा असर पड़ता है।

क्या CIBIL Score हमेशा के लिए खराब हो जाएगा?

अगर भुगतान में देरी या लोन की चूक की जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो गई है, तो उसका असर कुछ समय तक रह सकता है। लेकिन आगे लगातार समय पर भुगतान करने से क्रेडिट रिकॉर्ड में धीरे-धीरे सुधार भी हो सकता है।

इसलिए यह सोचकर EMI रोक देना कि “बाद में देखेंगे” सही तरीका नहीं है। आर्थिक परेशानी होने पर तुरंत बैंक या वित्तीय संस्था से बात करें और अपनी स्थिति समझाएं।

साथ ही अपनी CIBIL रिपोर्ट पर नजर रखें। अगर उसमें कोई गलत बकाया या गलत जानकारी दिखाई देती है, तो उसे ठीक करवाने के लिए संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से संपर्क करें। CIBIL खुद से बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा दी गई जानकारी को बदल नहीं सकता।

लोन सेटलमेंट और लोन बंद करने में क्या अंतर है?

यह अंतर समझना बहुत जरूरी है। मान लीजिए आपने ₹5 लाख का लोन लिया और ब्याज व अन्य शुल्क जुड़ने के बाद आपकी कुल बकाया रकम बढ़ गई। आर्थिक परेशानी के कारण अगर आप पूरी रकम नहीं चुका पा रहे हैं, तो बैंक की सहमति से कम रकम लेकर लोन का निपटारा किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति को लोन सेटलमेंट कहा जाता है। वहीं जब आप लोन की पूरी बकाया रकम चुका देते हैं और खाता बंद हो जाता है, तो इसे लोन बंद होना माना जाता है।

अगर पूरी बकाया रकम के बजाय कम राशि देकर लोन का निपटारा किया जाता है, तो CIBIL रिपोर्ट में “Settled” स्थिति दर्ज होती है। इसका असर भविष्य में नया लोन लेने पर पड़ सकता है। पूरी रकम चुकाने पर खाता “Closed” के रूप में दर्ज होता है। आपके क्रेडिट रिपोर्ट में Settled होने पर नया लोन मिलना मुश्किल होता है।

इसलिए फर्क समझें

रिपोर्ट मे दर्ज स्तिथिसामान्य अर्थ
Closedपूरी देनदारी का भुगतान करके लोन बंद
Settledबैंक की सहमति से कम राशि देकर खाते का निपटारा
Overdueभुगतान तय तारीख पर नहीं हुआ
NPAलंबे समय से बकाया रहने पर लागू वर्गीकरण

इसलिए केवल “settlement हो गया” सुनकर खुश होने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कौन-सा status दर्ज होगा।

रिकवरी एजेंट क्या कर सकता है?

अगर लोन की EMI लंबे समय तक बकाया रहती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था वसूली के लिए रिकवरी एजेंट की मदद ले सकती है। एजेंट आपसे बकाया रकम चुकाने के लिए संपर्क करता है, लेकिन धमकी, गाली-गलौज, डराने या परिवार के लोगों को परेशान करने का अधिकार उसे नहीं है।

RBI के नियमों के अनुसार वसूली के लिए सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद फोन नहीं किया जाना चाहिए। परिवार, दोस्तों या सहकर्मियों को परेशान करना और धमकी देना भी गलत है।

रिकवरी एजेंट धमकी दे तो क्या करें?

  • एजेंट का नाम और पहचान पूछें।
  • वह किस बैंक या वित्तीय संस्था की ओर से आया है, इसकी पुष्टि करें।
  • फोन और संदेशों का रिकॉर्ड रखें।
  • बैंक या वित्तीय संस्था में शिकायत करें।
  • समस्या हल न होने पर उपलब्ध शिकायत व्यवस्था में शिकायत दर्ज करें।

ध्यान रखें, रिकवरी एजेंट की गलत हरकत के लिए बैंक या वित्तीय संस्था अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह बच नहीं सकती है।

इसे भी पढ़ें: क्या सच में बिना ब्याज के लोन मिलता है? Buy Now Pay Later का सच जानें

डिजिटल लोन में वसूली एजेंट को लेकर क्या नियम हैं?

अगर आपने किसी ऐप या ऑनलाइन माध्यम से लोन लिया है और बाद में उसकी किस्तें बकाया हो जाती हैं, तो बैंक या वित्तीय संस्था वसूली के लिए किसी एजेंट को नियुक्त कर सकती है। ऐसी स्थिति में उस एजेंट द्वारा रिकवरी की जानकारी आपको पहले से दी जानी चाहिए।

यानी अगर कोई व्यक्ति फोन करके कहता है कि वह आपके लोन की वसूली के लिए आया है, तो बिना जांच किए उसे पैसे न दें। पहले उसका नाम और पहचान पूछें और यह पता करें कि वह वास्तव में आपके बैंक या वित्तीय संस्था की ओर से ही संपर्क कर रहा है या नहीं।

वसूली के लिए आने वाले एजेंट के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपना आईडी कार्ड और बैंक या वित्तीय संस्था का आधिकारिक पत्र आपको दिखाए। बिना इन दस्तावेजों के उसकी पहचान की पुष्टि नहीं मानी जानी चाहिए।

अनजान व्यक्ति के खाते में सीधे पैसे भेजने के बजाय बैंक या वित्तीय संस्था से संपर्क करके भुगतान की जानकारी की पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित है।

क्या पर्सनल लोन नहीं चुकाने पर बैंक घर आ सकता है?

बैंक या रिकवरी एजेंट बकाया रकम के भुगतान के लिए आपसे घर पर संपर्क कर सकता है। लेकिन उसे जबरदस्ती घर में घुसने, धमकाने, अपमानित करने या परिवार को परेशान करने का अधिकार नहीं है।

अगर कोई एजेंट गलत व्यवहार करता है, तो उसका नाम, पहचान और बातचीत का रिकॉर्ड जरूर रखें।

क्या पर्सनल लोन नहीं चुकाने पर जेल हो सकती है?

सिर्फ EMI ना चुका पाने से अपने आप जेल नहीं होती।

अगर किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और वह पर्सनल लोन की EMI नहीं चुका पाया, तो इसे सीधे आपराधिक धोखाधड़ी या जेल का मामला नहीं माना जाना चाहिए।

लेकिन अगर लोन लेते समय फर्जी दस्तावेज, झूठी पहचान, धोखाधड़ी या शुरुआत से किसी व्यक्ति को धोखा देकर पैसा हासिल करने जैसे अलग तथ्य मौजूद हों, तो आपराधिक कानून लागू हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: गोल्ड लोन या पर्सनल लोन कौन सा बेहतर है? जानिए आपकी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प

क्या बैंक पर्सनल लोन नहीं चुकाने पर कोर्ट जा सकता है?

अगर लंबे समय तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होता है, तो बैंक उपलब्ध कानूनी वसूली प्रक्रिया अपना सकता है।

यह प्रक्रिया लोन Agreement, बैंक की नीति, बकाया राशि और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

कानूनी कार्रवाई होने पर लोन लेने वाले व्यक्ति को नोटिस या अदालत की प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में नोटिस को नजरअंदाज करने के बजाय उसमें दी गई जानकारी को समझना और जरूरत पड़ने पर योग्य कानूनी सलाह लेना बेहतर है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि EMI का भुगतान न कर पाना और धोखाधड़ी करना दो अलग अलग बातें हैं।

क्या बैंक आपकी सैलरी से EMI काट सकता है?

बैंक आपकी मर्जी के बिना हर मामले में सीधे आपकी पूरी सैलरी नहीं काट सकता है। वेतन से वसूली की स्थिति किसी लागू कानूनी प्रक्रिया, कोर्ट के आदेश या संबंधित व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।

अगर आपको वेतन से वसूली या अदालत के किसी आदेश से संबंधित नोटिस मिलता है, तो उस मामले के दस्तावेज देखकर ही सही स्थिति समझी जा सकती है।

क्या पर्सनल लोन नहीं चुकाने पर घर या संपत्ति जब्त हो सकती है?

पर्सनल लोन आमतौर पर बिना संपत्ति गिरवी रखे दिया जाने वाला लोन है। इसलिए इसके तहत बैंक सीधे तौर पर घर जब्त नहीं कर सकता है। लेकिन लंबे समय तक भुगतान न होने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूली की कार्रवाई हो सकती है।

पर्सनल लोन की EMI भरना मुश्किल हो गई है तो क्या करें?

अगर नौकरी चली गई है, आमदनी कम हो गई है या अचानक खर्च बढ़ गया है और पर्सनल लोन की EMI भरना मुश्किल हो रही है, तो घबराने के बजाय अपनी स्थिति को समझकर कदम उठाएं।

नया कर्ज लेकर पुरानी EMI चुकाने से बचें: एक लोन की किस्त चुकाने के लिए दूसरा महंगा लोन और फिर उसके लिए तीसरा लोन लेना कर्ज का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है। इसलिए नया लोन लेने से पहले पूरी गणना जरूर करें।

बैंक या वित्तीय संस्था से तुरंत संपर्क करें: फोन करने से बचने के बजाय अपनी आर्थिक परेशानी के बारे में साफ-साफ बताएं और पूछें कि भुगतान में राहत या किस्त में बदलाव का कोई विकल्प उपलब्ध है या नहीं।

अपनी पूरी देनदारी का हिसाब बनाएं: कितना मूलधन बाकी है, कितना ब्याज देना है, कौन-से शुल्क लगे हैं, कितनी रकम बकाया है, कितनी किस्तें बाकी हैं और कुल कितना भुगतान करना है—इन सभी बातों को एक जगह लिखें।

अपनी वास्तविक भुगतान क्षमता समझें: मान लीजिए आपकी मासिक आय ₹40,000 है और जरूरी घरेलू खर्च ₹28,000 है। ऐसे में आपके पास ₹12,000 बचते हैं। अगर EMI ₹20,000 है, तो उसे भरने के लिए नया महंगा लोन लेना समस्या को और बढ़ा सकता है।

लोन की शर्तों में बदलाव के बारे में पूछें: अगर परेशानी कुछ समय के लिए है, तो बैंक से लोन की अवधि बढ़ाने या किस्त कम करने जैसे उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। कोई बदलाव स्वीकार करने से पहले कुल भुगतान और ब्याज जरूर समझें।

लोन को दूसरे बैंक में बदलने का विकल्प देखें: अगर कम ब्याज पर लोन बदलने का विकल्प मिल रहा है, तो कुल ब्याज और सभी शुल्क की तुलना करें। केवल कम EMI देखकर फैसला न लें। इसके लिए Fincoloan का Loan Balance Transfer Calculator उपयोग कर सकते हैं।

क्या लोन रि-स्ट्रक्चर सही विकल्प है?

अगर आपकी आर्थिक परेशानी कुछ समय के लिए है और आगे आपकी आमदनी सामान्य होने की उम्मीद है, तो बैंक या वित्तीय संस्था से लोन की शर्तों में बदलाव और किस्त चुकाने में राहत के उपलब्ध विकल्पों के बारे में बात कर सकते हैं।

इसमें लोन की अवधि बढ़ने से EMI कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज बढ़ सकता है और नई शर्तें लागू हो सकती हैं। इसलिए कोई बदलाव स्वीकार करने से पहले यह जरूर समझ लें कि पूरे लोन के दौरान आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी। इसके लिए आप हमारे लोन रि-स्ट्रक्चर कैलकुलेटर का इस्तेमाल के सकते है।

EMI नहीं भर पाने पर कौन-सी गलतियां बिल्कुल न करें?

जब आर्थिक परेशानी आती है तो घबराहट में लिए गए गलत फैसले कर्ज का बोझ और बढ़ा सकते हैं। अगर आप पर्सनल लोन की EMI नहीं भर पा रहे हैं, तो इन गलतियों से बचें:

  1. बैंक के फोन और संदेशों को नजरअंदाज न करें: बैंक से संपर्क बंद करने से बकाया खत्म नहीं होता। इसके बजाय बैंक से बात करके अपनी आर्थिक स्थिति बताएं और भुगतान के उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी लें।
  2. वसूली एजेंट को बिना पुष्टि के नकद पैसे न दें: अगर कोई वसूली एजेंट भुगतान मांगता है तो पहले उसकी पहचान और बैंक से उसके संबंध की पुष्टि करें। भुगतान हमेशा बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा बताए गए सुरक्षित माध्यम से करें और उसकी रसीद जरूर रखें।
  3. नया तुरंत मिलने वाला लोन लेकर पुरानी EMI न भरें: एक लोन की किस्त चुकाने के लिए दूसरा महंगा लोन लेना कर्ज का बोझ बढ़ा सकता है। ऐसा करने से धीरे-धीरे आप कर्ज के चक्र में फंस सकते हैं।
  4. क्रेडिट कार्ड से बार-बार नकद न निकालें: अगर पहले से EMI भरने में परेशानी हो रही है, तो क्रेडिट कार्ड से नकद निकालकर खर्च चलाना समस्या को और बढ़ा सकता है, क्योंकि इस पर अतिरिक्त शुल्क और ब्याज लग सकता है।
  5. लोन सेटलमेंट को पहला विकल्प न मानें: पहले बैंक से पूरी स्थिति पर बात करें और भुगतान की अवधि बढ़ाने, किस्त में बदलाव या दूसरी उपलब्ध राहत के बारे में पूछें। सेटलमेंट का फैसला करने से पहले इसका आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर पड़ने वाला असर जरूर समझें।
  6. गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देकर नया लोन न लें: पुराना कर्ज चुकाने के लिए गलत जानकारी देना या फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करना गंभीर कानूनी परेशानी पैदा कर सकता है। आर्थिक समस्या का समाधान सही और कानूनी तरीके से ही करें।

सिबिल स्कोर खराब हो गया तो उसे कैसे सुधारें?

आपको एक बात जननी है कि CIBIL Score रातोंरात ठीक नहीं होता। इसमें सुधार के लिए लगातार समय पर सही भुगतान करना और अच्छी वित्तीय आदत बनाए रखना जरूरी है।

समय पर EMI भरना, क्रेडिट कार्ड का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना, बिना जरूरत बार-बार लोन के लिए आवेदन न करना और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करना CIBIL Score को सुधारने की दिशा में जरूरी कदम हैं।

आप इन बातों का ध्यान रखें:

  1. आगे की सभी EMI समय पर भरें।
  2. पुराना बकाया जल्द से जल्द खत्म करें।
  3. क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें।
  4. कम समय में कई लोन के लिए आवेदन न करें।
  5. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी गलत जानकारी की जांच करें और गलती होने पर उसे ठीक करवाएं।
  6. अगर किसी लोन में आप गारंटर हैं या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से लोन लिया है, तो उसके भुगतान पर भी नजर रखें।

यह भी समझना जरूरी है कि CIBIL Score सुधारने में कोई तय समय नहीं होता। आपकी पुरानी भुगतान जानकारी, बकाया राशि और आगे किए जाने वाले समय पर भुगतान के आधार पर धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देता है।

इसलिए स्कोर सुधारने के लिए किसी तुरंत असर करने वाले उपाय के पीछे जाने के बजाय समय पर भुगतान और अच्छी वित्तीय आदतों पर लगातार ध्यान देना सबसे जरूरी है।

पर्सनल लोन लेते समय EMI का बोझ कैसे कम रखें?

लोन की किस्त बाद में परेशानी न बने, इसके लिए शुरुआत में ही अपनी आमदनी और भुगतान की क्षमता के अनुसार लोन लेना जरूरी है। बैंक जितनी रकम देने को तैयार है, उतनी रकम लेना जरूरी नहीं है।

लोन लेने से पहले अपनी मासिक आय और सभी मौजूदा EMI का हिसाब लगाएं। इसके बाद घर के जरूरी खर्च, बचत और अचानक आने वाले खर्चों के लिए रखी रकम को अलग करें। ब्याज दर, कुल भुगतान, लोन लेने का शुल्क और समय से पहले लोन चुकाने की शर्तों को भी अच्छी तरह समझें।

अगर EMI आपकी आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा खा रही है, तो नौकरी या आमदनी में थोड़ी सी परेशानी आने पर भी लोन चुकाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ऐसी EMI चुनें जिसे आप सामान्य महीनों के साथ-साथ आर्थिक परेशानी के समय भी संभाल सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पर्सनल लोन नहीं चुका पाए तो जेल हो सकती है?

सिर्फ आर्थिक परेशानी के कारण EMI नहीं चुका पाने से अपने आप जेल नहीं होती। लेकिन अगर लोन लेते समय फर्जी दस्तावेज दिए गए हों, गलत पहचान का इस्तेमाल किया गया हो या शुरुआत से ही धोखा देने का मामला हो, तो आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में स्थिति अलग होती है और मामले के तथ्यों के आधार पर कानून लागू होता है।

क्या 1 EMI नहीं भरने पर CIBIL Score खराब हो जाता है?

EMI देर से भरने या भुगतान में चूक होने का CIBIL Score पर बुरा असर पड़ सकता है। लेकिन स्कोर कितने अंक गिरेगा, इसकी कोई एक तय संख्या नहीं है। यह आपकी पूरी क्रेडिट रिपोर्ट और भुगतान इतिहास पर निर्भर करता है।

3 EMI नहीं भरने पर क्या होगा?

लगातार तीन EMI नहीं भरने पर बकाया रकम बढ़ती जाती है। बैंक या वित्तीय संस्था की वसूली प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है और आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर गंभीर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर लोन खाता NPA की श्रेणी में भी जा सकता है।

क्या वसूली एजेंट घर आ सकता है?

हाँ, बैंक या वित्तीय संस्था बकाया रकम की वसूली के लिए वसूली एजेंट की मदद ले सकती है। एजेंट आपसे भुगतान के लिए संपर्क कर सकता है, लेकिन उसे धमकी देने, गाली-गलौज करने, जबरदस्ती करने या परिवार के लोगों को परेशान करने का अधिकार नहीं है।

वसूली एजेंट कितने बजे फोन कर सकता है?

RBI के नियमों के अनुसार बकाया लोन की वसूली के लिए सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद फोन नहीं किया जाना चाहिए।

क्या बैंक मेरी सैलरी सीधे काट सकता है?

सिर्फ EMI बकाया होने पर बैंक हर मामले में आपकी सैलरी अपनी मर्जी से सीधे नहीं काट सकता। वेतन से वसूली की स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया, आदेश और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

लोन सेटलमेंट और लोन बंद करने में क्या अंतर है?

लोन बंद करना यानी लोन की पूरी देनदारी चुकाकर खाता बंद करना।
लोन सेटलमेंट में बैंक या वित्तीय संस्था की सहमति से पूरी बकाया रकम से कम राशि लेकर खाते का निपटारा किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में क्रेडिट रिपोर्ट में “Settled” लिखा जाता है, जिसका भविष्य में नया लोन लेने पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्या पर्सनल लोन का भुगतान न करने के बाद CIBIL Score सुधर सकता है?

हाँ, समय के साथ CIBIL Score में सुधार हो सकता है। इसके लिए आगे की सभी EMI और क्रेडिट कार्ड के भुगतान समय पर करें, पुराने बकाया खत्म करें, जरूरत न होने पर नए लोन के लिए बार-बार आवेदन न करें और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहें।
हालांकि इसमे सुधार तुरंत नहीं होता है। इसके लिए लगातार समय पर भुगतान करना और अच्छी वित्तीय आदत बनाए रखना जरूरी है।

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अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी व्यक्ति के मामले में कानूनी या व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं है। किसी नोटिस, अदालत की कार्रवाई, गंभीर recovery dispute या धोखाधड़ी से जुड़े मामले में योग्य पेशेवर से सलाह लेना उचित है।

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