पर्सनल लोन बार-बार रिजेक्ट हो रहा है तो अलग-अलग ऐप और बैंकों में तुरंत नया आवेदन न करें। पहले यह पता करें कि परेशानी आय, मौजूदा EMI, क्रेडिट रिपोर्ट, मांगी गई रकम या दस्तावेज में से किस जगह है। कारण ठीक किए बिना दोबारा आवेदन करने पर फिर से वही नतीजा मिल सकता है।
लोन मंजूर करना या न करना बैंक अथवा लोन कंपनी की अपनी नीति पर निर्भर करता है। अच्छा सिबिल स्कोर मदद कर सकता है, लेकिन वह अकेले मंजूरी की गारंटी नहीं है।
पर्सनल लोन रिजेक्ट होने के 6 आम कारण
1. मांगी गई रकम आपकी आय के अनुसार ज्यादा होना
बैंक यह देखते हैं कि नई EMI भरने के बाद आपके पास रोजमर्रा के खर्च के लिए पर्याप्त पैसा बचेगा या नहीं। आय के मुकाबले बहुत बड़ी रकम मांगने पर आवेदन रुक सकता है।
सिर्फ मासिक आय देखकर कोई तय नहीं बता सकता कि कितना लोन मिलेगा। मौजूदा EMI, ब्याज, लोन की अवधि और बैंक की नीति भी देखी जाती है। इसका आसान हिसाब सैलरी के हिसाब से पर्सनल लोन कितना मिल सकता है लेख में देखें।
2. पहले से चल रही EMI ज्यादा होना
होम लोन, वाहन लोन, दूसरे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड की EMI मिलकर आपकी भुगतान क्षमता कम कर सकती हैं। यहां DTI देखा जा सकता है।
DTI का आसान मतलब: आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से कर्ज की किस्तों में जा रहा है। हर बैंक इसकी अपनी सीमा रख सकता है, इसलिए कोई एक प्रतिशत सभी लोगों पर लागू नहीं होता। आप DTI कैलकुलेटर से अपना मौजूदा EMI बोझ समझ सकते हैं।
3. क्रेडिट रिपोर्ट में भुगतान से जुड़ी समस्या होना
पुरानी EMI या क्रेडिट कार्ड बिल में देरी, बकाया रकम, सेटल किया गया खाता या किसी ऐसे लोन की जानकारी जिस पर आप सह-आवेदक या गारंटर हैं—ये बातें बैंक के फैसले पर असर डाल सकती हैं।
सिबिल स्कोर का आसान मतलब: यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की जानकारी से बना अंक है। इससे पुराने लोन और कार्ड के भुगतान का संकेत मिलता है। अंतिम फैसला केवल सिबिल नहीं, बैंक की अपनी नीति करती है।
4. कम समय में कई आवेदन करना
लोन के लिए पूरा आवेदन देने पर बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देख सकता है। इस जांच का रिकॉर्ड रिपोर्ट में जुड़ सकता है। इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है।
कई जगह जल्दी-जल्दी आवेदन करने पर रिपोर्ट में कई जांच दिखाई दे सकती हैं। इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, इसलिए यह कहना सही नहीं है कि हर आवेदन से तय अंक कम होंगे। फिर भी बिना पात्रता देखे कई आवेदन करना ठीक नहीं है।
5. फॉर्म और दस्तावेज की जानकारी का मेल न होना
नाम, जन्मतिथि, पैन, पता, नौकरी, आय या बैंक खाते की जानकारी में अंतर होने पर जांच पूरी नहीं हो सकती। धुंधली फोटो, अधूरा दस्तावेज या गलत जानकारी भी आवेदन रुकने की वजह बन सकती है।
सैलरी स्लिप नहीं मिलती, लेकिन आय बैंक में आती है तो दूसरे मान्य दस्तावेज सैलरी स्लिप के बिना पर्सनल लोन वाले लेख में देखें। गलत या बदला हुआ दस्तावेज कभी जमा न करें।
6. नौकरी, आय या बैंक की जरूरी शर्तें पूरी न होना
कुछ बैंक नौकरी का प्रकार, काम करने की अवधि, आय आने का तरीका, रहने का स्थान या उम्र जैसी शर्तें रखते हैं। नई नौकरी, नौकरी की शुरुआती अवधि (प्रोबेशन) या ऐसी आय जिसे दस्तावेज से दिखाना मुश्किल हो, आवेदन पर असर डाल सकती है।
एक बैंक से रिजेक्शन का मतलब यह नहीं कि हर बैंक का फैसला वही होगा। लेकिन किसी दूसरे बैंक में आवेदन करने से पहले उसकी बुनियादी शर्तें जरूर देखनी चाहिए।
लोन रिजेक्ट होने के बाद क्या करें?
1. रिजेक्शन का कारण खोजें
बैंक का ईमेल, संदेश और ऐप में दिया जवाब देखें। कारण साफ न हो तो बैंक या लोन कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर पूछें। केवल किसी एजेंट की बात पर निर्भर न रहें।
2. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें
रिपोर्ट में खाते, बकाया रकम, भुगतान की स्थिति और हाल की जांच देखें। कोई ऐसी जानकारी मिले जो आपकी नहीं है या गलत है, तो संबंधित बैंक और क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत दर्ज करें। सही जानकारी को केवल रिजेक्शन की वजह से हटाया नहीं जा सकता।
3. आवेदन और दस्तावेज दोबारा मिलाएं
पैन, नाम, पता, आय और नौकरी की जानकारी को दस्तावेजों से मिलाएं। जो दस्तावेज मांगा गया है वह पूरा, साफ और मान्य होना चाहिए।
4. मांगी गई रकम और EMI फिर से देखें
जरूरत से ज्यादा रकम मांगने के बजाय उतनी ही रकम चुनें जिसकी EMI आपके बजट में आ सके। कम EMI के लिए केवल अवधि बढ़ाना भी अंतिम समाधान नहीं है, क्योंकि इससे कुल भुगतान बढ़ सकता है।
5. असली समस्या ठीक होने दें
यदि बकाया भुगतान, रिपोर्ट की गलती या दस्तावेज की कमी कारण है, तो पहले उसे पूरा करें। बदलाव संबंधित रिकॉर्ड में दिखाई देने से पहले नया आवेदन करने की जल्दी न करें।
6. अगला आवेदन सोचकर करें
जिस बैंक की आय, नौकरी और दस्तावेज वाली शर्तें आप पूरी करते हैं, वहीं आवेदन करें। “पक्का लोन” या “गारंटीड मंजूरी” कहने वाले अनजान ऐप को अपनी निजी जानकारी न दें। दोबारा आवेदन से पहले पर्सनल लोन की पूरी पात्रता जाँच कर लें, ताकि वही कमी फिर न रहे।
दोबारा आवेदन कितने दिन बाद करें?
इसके लिए कोई एक तय समय सभी पर लागू नहीं होता। दस्तावेज की छोटी गलती ठीक होते ही स्थिति बदल सकती है, जबकि बकाया भुगतान या क्रेडिट रिपोर्ट की गलती ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। दोबारा आवेदन के लिए रिजेक्शन के कारण के अनुसार समय चुनें, केवल बीते दिनों के आधार पर नया फॉर्म न भेजें।
आवेदन से पहले छोटी जांच
- मांगी गई रकम की EMI बजट में है।
- मौजूदा EMI और बकाया रकम की जानकारी सही है।
- आवेदन की जानकारी दस्तावेजों से मिलती है।
- क्रेडिट रिपोर्ट में कोई अनजान खाता या जांच नहीं है।
- बैंक की आय, नौकरी और दस्तावेज वाली शर्तें पूरी होती हैं।
- एक ही समय में कई जगह पूरा आवेदन नहीं किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पर्सनल लोन रिजेक्ट होने से सिबिल स्कोर कम होता है?
सिर्फ लोन रिजेक्ट होने से सिबिल स्कोर अपने-आप कम नहीं होता। आवेदन के दौरान बैंक की क्रेडिट जांच रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है। कम समय में कई आवेदन करने पर कई जांच दर्ज हो सकती हैं, लेकिन हर जांच से तय अंक घटने का कोई एक नियम नहीं है।
अच्छा सिबिल स्कोर होने पर भी लोन क्यों रिजेक्ट हुआ?
बैंक सिबिल स्कोर के साथ आय, मौजूदा EMI, मांगी गई रकम, नौकरी, दस्तावेज और अपनी पात्रता नीति भी देखते हैं। इनमें से किसी बात के मेल न खाने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
क्या कम रकम के लिए दोबारा आवेदन करना सही है?
यदि मांगी गई रकम के मुकाबले आय या भुगतान क्षमता कम होना वास्तविक कारण था, तो कम रकम उपयोगी हो सकती है। लेकिन कारण क्रेडिट रिपोर्ट या दस्तावेज की गलती है, तो केवल रकम घटाने से समस्या हल नहीं होगी।
पर्सनल लोन बार-बार रिजेक्ट हो रहा है तो नया आवेदन रोककर पहले कारण पता करें। क्रेडिट रिपोर्ट, मौजूदा EMI, मांगी गई रकम और दस्तावेज ठीक होने के बाद ही अगला आवेदन करें। कोई भी बैंक या वेबसाइट लोन मंजूरी की गारंटी नहीं दे सकती।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। हर बैंक और लोन कंपनी की पात्रता तथा जांच का तरीका अलग हो सकता है। लोन लेने से पहले शुल्क, ब्याज, EMI और सभी शर्तें संबंधित संस्था के आधिकारिक दस्तावेज में जरूर देखें।
स्रोत: CIBIL—लोन रिजेक्शन और रिपोर्ट की गलती · CIBIL—क्रेडिट रिपोर्ट की जांच
