कम सिबिल स्कोर के नुकसान: जानिए अच्छा सिबिल स्कोर क्यों जरूरी होता हैं?
कई लोग यह सोचते हैं कि सिबिल स्कोर सिर्फ लोन लेने के समय ही काम आता है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। एक खराब CIBIL Score धीरे-धीेरे आपकी पूरी वित्तीय स्थिति को प्रभावित करने लगता है। चाहे पर्सनल लोन लेना हो, क्रेडिट कार्ड बनवाना हो, होम लोन लेना हो या फिर कम ब्याज दर पर फाइनेंस सुविधा चाहिए हो — हर जगह आपका सिबिल स्कोर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आज बैंक और NBFC केवल आपकी इनकम ही नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से किया है। यदि आपका स्कोर खराब है, तो बैंक आपको “रिस्की ग्राहक” मान सकते हैं। यही कारण है कि कई लोगों को जरूरत के समय लोन नहीं मिल पाता या फिर बहुत महंगे ब्याज पर लोन लेना पड़ता है।
सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब अचानक पैसों की जरूरत पड़े और खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से हर जगह से रिजेक्शन मिलने लगे। ऐसे समय में व्यक्ति मानसिक तनाव तक महसूस करने लगता है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते सिबिल स्कोर को समझा जाए और उसे सही बनाए रखा जाए।
इस पोस्ट में आप विस्तार से जानेंगे कि कम सिबिल स्कोर के नुकसान क्या हैं, खराब CIBIL Score कितना माना जाता है, इससे कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं और भविष्य में इन समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है।
सिबिल स्कोर क्या होता है?
सिबिल स्कोर एक 3 अंकों का नंबर होता है जो आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तैयार किया जाता है। यानी आपने पहले लिए गए लोन, क्रेडिट कार्ड या EMI का भुगतान समय पर किया है या नहीं, यह सब आपके सिबिल स्कोर में दिखाई देता है।
बैंक और NBFC किसी भी लोन को मंजूर करने से पहले इसी स्कोर को देखते हैं। सामान्यतः 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि 700 से नीचे का स्कोर कमजोर समझा जाता है। यदि स्कोर 600 से नीचे हो जाए तो लोन मिलने में काफी परेशानी आ सकती है। आसान शब्दों में कहें तो जितना बेहतर आपका सिबिल स्कोर होगा, उतनी ही आसानी से बैंक आप पर भरोसा करेंगे।
खराब सिबिल स्कोर कितना माना जाता है?
बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर खराब CIBIL Score कितना होता है। सामान्य तौर पर:
| सिबिल स्कोर | स्थिति |
|---|---|
| 750 – 900 | बहुत अच्छा |
| 700 – 749 | ठीक-ठाक |
| 650 – 699 | कमजोर |
| 300 – 649 | खराब |
यदि आपका स्कोर 700 से नीचे चला जाता है, तो कई बैंक आपको लोन देने में हिचकिचाने लगते हैं। वहीं 650 से नीचे स्कोर होने पर स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
कम सिबिल स्कोर के सबसे बड़े नुकसान
खराब सिबिल स्कोर केवल लोन रिजेक्ट होने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आपकी पूरी वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है। कई लोग तब इसकी गंभीरता समझते हैं जब उन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और बैंक उनका आवेदन अस्वीकार कर देते हैं। कम CIBIL Score होने पर न केवल लोन मिलने में परेशानी आती है बल्कि ज्यादा ब्याज, भारी चार्ज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि खराब सिबिल स्कोर से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
1. लोन अप्रूवल मिलने में परेशानी
कम सिबिल स्कोर का सबसे बड़ा नुकसान यही होता है कि बैंक आपका लोन आवेदन रिजेक्ट कर सकते हैं। जब भी कोई व्यक्ति लोन के लिए आवेदन करता है, बैंक सबसे पहले उसकी क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान रिकॉर्ड चेक करते हैं। यदि पहले EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान में देरी हुई हो, तो बैंक नए लोन को जोखिम मानते हैं। इस वजह से पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन या एजुकेशन लोन तक में परेशानी आ सकती है। कई बार अच्छी इनकम होने के बावजूद भी केवल खराब स्कोर के कारण लोन नहीं मिलता।
2. ज्यादा ब्याज दर पर लोन मिलता है
यदि खराब सिबिल स्कोर होने के बावजूद लोन मिल भी जाए, तब भी बैंक कम ब्याज दर देने से बचते हैं। बैंक ऐसे ग्राहकों को ज्यादा जोखिम वाला मानते हैं और इसी वजह से अधिक ब्याज वसूलते हैं। उदाहरण के तौर पर, जहां अच्छे सिबिल स्कोर वाले व्यक्ति को कम ब्याज पर लोन मिल सकता है, वहीं खराब स्कोर वाले ग्राहक को काफी महंगे ब्याज पर लोन लेना पड़ सकता है। इससे हर महीने की EMI बढ़ जाती है और कुल भुगतान भी काफी ज्यादा हो जाता है।
3. बड़ी रकम का लोन मिलना मुश्किल हो जाता है
कम सिबिल स्कोर वाले लोगों को बैंक बड़ी राशि का लोन देने में हिचकिचाते हैं। बैंक को डर रहता है कि ग्राहक भविष्य में भुगतान करने में परेशानी कर सकता है। यदि आप घर खरीदने, बिजनेस बढ़ाने या किसी बड़ी मेडिकल जरूरत के लिए लोन लेना चाहते हैं, तो खराब स्कोर बड़ी बाधा बन सकता है। ऐसे मामलों में बैंक अक्सर छोटी रकम का लोन ही मंजूर करते हैं ताकि उनका जोखिम कम रहे। इससे आपकी बड़ी वित्तीय योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
4. क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी
क्रेडिट कार्ड लेने के लिए भी अच्छा सिबिल स्कोर जरूरी माना जाता है। क्योंकि यह एक तरह का अनसिक्योर्ड क्रेडिट होता है, इसलिए बैंक बिना भरोसे के कार्ड जारी नहीं करना चाहते। खराब सिबिल स्कोर होने पर क्रेडिट कार्ड आवेदन रिजेक्ट हो सकता है या बहुत कम लिमिट वाला कार्ड मिल सकता है। कुछ मामलों में ज्यादा Annual Fee और Charges वाले कार्ड दिए जाते हैं। इससे Cashback, Reward Points, EMI Offers और Online Shopping जैसी सुविधाओं का फायदा लेना भी मुश्किल हो जाता है।
5. अनसिक्योर्ड लोन मिलना मुश्किल हो जाता है
अनसिक्योर्ड लोन वे होते हैं जिनमें किसी गारंटी या गिरवी की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे पर्सनल लोन, इंस्टेंट लोन और क्रेडिट कार्ड। इन लोन में बैंक का जोखिम ज्यादा होता है, इसलिए वे केवल भरोसेमंद ग्राहकों को ही प्राथमिकता देते हैं। यदि आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो ऐसे लोन मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है। कई बार NBFC लोन तो दे देते हैं लेकिन उनके ब्याज और Charges इतने ज्यादा होते हैं कि बाद में भुगतान करना मुश्किल हो जाता है।
6. प्रोसेसिंग फीस ज्यादा देनी पड़ सकती है
कम सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों से कई बैंक और NBFC ज्यादा प्रोसेसिंग फीस वसूलते हैं। इसके अलावा Platform Fee, Verification Charges और Documentation Charges भी अधिक लगाए जा सकते हैं। कुछ कंपनियां खराब स्कोर वाले लोगों को आसान लोन का लालच देकर भारी शुल्क वसूलती हैं। कई बार ग्राहक जल्दी लोन लेने के चक्कर मे बिना पूरी जानकारी पढ़े ही लोन ले लेते हैं जिसके कारण बाद में अतिरिक्त चार्ज का बोझ बढ़ जाता है। इसलिए खराब सिबिल स्कोर अप्रत्यक्ष रूप से खर्च भी बढ़ा सकता है।
7. लंबे समय के लिए लोन नहीं मिलता
बैंक लंबे समय तक जोखिम लेने से बचते हैं, इसलिए कम सिबिल स्कोर वाले लोगों को छोटी अवधि के लिए लोन दिया जा सकता है। जब Loan Tenure कम होती है, तो EMI अपने आप ज्यादा बन जाती है। इससे हर महीने वित्तीय दबाव बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति को 5 साल की बजाय केवल 2 साल के लिए लोन मिले, तो उसकी मासिक किस्त काफी बढ़ सकती है। यही कारण है कि खराब सिबिल स्कोर आपकी ईएमआई Planning को भी बिगाड़ सकता है।
8. एक साथ कई लोन लेना मुश्किल हो जाता है
अच्छा सिबिल स्कोर होने पर बैंक ग्राहक को एक से ज्यादा लोन भी आसानी से दे सकते हैं। लेकिन खराब स्कोर वाले व्यक्ति को दूसरा लोन मिलना काफी कठिन हो जाता है। यदि पहले से कोई लोन चल रहा हो, तो नया आवेदन तुरंत रिजेक्ट हो सकता है। कई बार बैंक Credit Limit भी कम कर देते हैं। इससे भविष्य में घर, वाहन या बिजनेस जैसी जरूरतों के लिए अलग-अलग लोन लेना मुश्किल हो जाता है और आपकी वित्तीय स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
9. धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है
जब अच्छे बैंक और भरोसेमंद संस्थाएं कम सिबिल के कारण लोन देने से मना कर देती हैं, तब कई लोग मजबूरी में फर्जी लोन ऐप्स या संदिग्ध कंपनियों के चक्कर में फंस जाते हैं। ऐसी जगहों पर बहुत ज्यादा ब्याज, छुपे हुए चार्ज और गलत Recovery तरीके देखने को मिलते हैं। कुछ ऐप्स ग्राहकों का निजी डेटा भी गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। खराब सिबिल स्कोर वाले लोग जल्दी लोन पाने के दबाव में बिना जांच-पड़ताल किए आवेदन कर देते हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा काफी बढ़ जाता है।
10. मानसिक तनाव बढ़ सकता है
लगातार लोन रिजेक्शन और पैसों की समस्या व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। जब जरूरत के समय आर्थिक मदद नहीं मिलती, तो आत्मविश्वास भी कम होने लगता है। कई लोग भविष्य को लेकर चिंता में रहने लगते हैं और हर समय EMI, कर्ज और पैसों की टेंशन महसूस करते हैं। खराब क्रेडिट स्कोर केवल वित्तीय परेशानी नहीं बल्कि मानसिक दबाव का कारण भी बन सकता है। इसलिए समय रहते अपने सिबिल स्कोर को सुधारना और सही वित्तीय आदतें अपनाना बेहद जरूरी है।
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किन कारणों से सिबिल स्कोर खराब होता है?
बहुत से लोग यह सोचते हैं कि सिबिल स्कोर अचानक खराब हो जाता है, जबकि इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की वित्तीय आदतें जिम्मेदार होती हैं। छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे क्रेडिट स्कोर को कमजोर बना सकती हैं। कई बार लोग बिना जानकारी के ऐसी गलतियां करते रहते हैं जिनका असर बाद में लोन और क्रेडिट कार्ड पर दिखाई देता है। आइए जानते हैं वे मुख्य कारण जिनकी वजह से सिबिल स्कोर खराब हो सकता है।
1. EMI समय पर न भरना
EMI या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर न भरना सिबिल स्कोर खराब होने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। यदि आप लगातार भुगतान में देरी करते हैं, तो बैंक इसे नकारात्मक संकेत मानते हैं। एक-दो बार की देरी भी आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर असर डाल सकती है और धीरे-धीरे स्कोर नीचे आने लगता है।
2. बार-बार लोन आवेदन करना
कम समय में कई जगह लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से भी सिबिल स्कोर प्रभावित हो सकता है। हर आवेदन पर बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं, जिसे Loan Inquiry कहा जाता है। बहुत ज्यादा Inquiry होने पर ऐसा लगता है कि व्यक्ति को बार-बार पैसों की जरूरत पड़ रही है, जिससे बैंक का भरोसा कम हो सकता है।
3. क्रेडिट कार्ड लिमिट पूरी इस्तेमाल करना
यदि आप हमेशा अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट या 90% से ज्यादा हिस्सा उपयोग करते हैं, तो यह अच्छी आदत नहीं मानी जाती। बैंक इसे वित्तीय दबाव का संकेत समझ सकते हैं। बेहतर माना जाता है कि कार्ड लिमिट का केवल 30% से 40% तक ही उपयोग किया जाए ताकि आपका क्रेडिट व्यवहार संतुलित दिखाई दे।
4. पुराना लोन Settlement करना
कई लोग आर्थिक परेशानी में पूरा भुगतान करने की बजाय Loan Settlement कर लेते हैं। इसमें बैंक कुछ रकम लेकर बाकी बकाया बंद कर देता है। हालांकि इससे तुरंत राहत मिल सकती है, लेकिन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “Settled” लिखा जाता है, जो भविष्य में बैंक के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है और सिबिल स्कोर खराब हो सकता है।
5. दूसरे व्यक्ति के लोन मे गारंटर बनना
यदि आप किसी दूसरे व्यक्ति के लोन में गारंटर बनते हैं और वह व्यक्ति समय पर भुगतान नहीं करता, तो उसका असर आपके सिबिल स्कोर पर भी पड़ सकता है। बैंक गारंटर को भी जिम्मेदार मानते हैं। इसलिए बिना पूरी जानकारी और भरोसे के किसी के लोन में गारंटर बनना भविष्य में आपके लिए वित्तीय समस्या खड़ी कर सकता है।
खराब सिबिल स्कोर को कैसे सुधारें?
यदि आपका सिबिल स्कोर खराब हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही वित्तीय आदतें अपनाकर धीरे-धीरे इसे बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि सिबिल स्कोर एक दिन में सुधार नहीं होता, लेकिन लगातार सही कदम उठाने से कुछ महीनों में अच्छा बदलाव दिखाई देने लगता है। आइए जानते हैं वे आसान तरीके जिनसे खराब CIBIL Score को सुधारने में मदद मिल सकती है।
1. सभी EMI समय पर भरें
सिबिल स्कोर सुधारने का सबसे जरूरी तरीका यही है कि हर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर जमा करें। लगातार समय पर भुगतान करने से बैंक को सकारात्मक संकेत मिलता है और धीरे-धीरे आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होने लगता है।
2. छोटे बकाया तुरंत क्लियर करें
यदि आपके ऊपर पुराने Pending Payment या छोटी बकाया राशि है, तो उन्हें जल्द खत्म करने की कोशिश करें। लंबे समय तक बकाया रहने से क्रेडिट रिपोर्ट खराब दिखती है और भविष्य में लोन मिलने में परेशानी हो सकती है।
3. Credit Utilization कम रखें
क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट इस्तेमाल करने से बचें। कोशिश करें कि कार्ड लिमिट का 30% से कम उपयोग करें। इससे बैंक को लगता है कि आप अपने खर्च को जिम्मेदारी से संभालते हैं और यह सिबिल स्कोर सुधारने में मदद करता है।
4. एक साथ कई लोन आवेदन न करें
कम समय में कई जगह लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना सही नहीं माना जाता। बार-बार Loan Inquiry होने से स्कोर प्रभावित हो सकता है। इसलिए केवल जरूरत पड़ने पर ही आवेदन करें।
5. पुरानी क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखें
पुराना क्रेडिट कार्ड या पुराना अकाउंट आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत बनाता है। इसलिए बिना जरूरत पुराने कार्ड बंद करने से बचें। लंबी और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री सिबिल स्कोर सुधारने में सकारात्मक भूमिका निभाती है।
सिबिल स्कोर कितने समय में सुधार सकता है?
सिबिल स्कोर सुधारने में थोड़ा समय लगता है, क्योंकि यह आपकी लगातार वित्तीय आदतों पर आधारित होता है। यदि आप सभी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर भरना शुरू कर देते हैं, पुराने बकाया खत्म कर देते हैं और जिम्मेदारी से क्रेडिट का उपयोग करते हैं, तो लगभग 3 से 6 महीने में सुधार दिखाई देना शुरू हो सकता है।
वहीं अच्छा और स्थिर बदलाव दिखने में करीब 12 महीने या उससे अधिक समय लग सकता है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने पहले कितनी गलतियां की थीं और अब आप अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को कितनी सही तरीके से निभा रहे हैं।
क्या बिना सिबिल स्कोर के लोन मिल सकता है?
हाँ, कुछ परिस्थितियों में बिना सिबिल स्कोर के भी लोन मिल सकता है। खासकर उन लोगों को जो पहली बार लोन ले रहे होते हैं और उनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं बनी होती। ऐसे ग्राहकों को “New to Credit” माना जाता है। इसके अलावा Salary Based Loan, Secured Loan और Gold Loan जैसे विकल्पों में भी बिना मजबूत सिबिल स्कोर के लोन मिलने की संभावना रहती है।
हालांकि ऐसे मामलों में लोन की राशि, ब्याज दर और शर्तें अलग हो सकती हैं। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर बैंक बेहतर ब्याज दर और आसान शर्तों के साथ लोन देने में ज्यादा भरोसा दिखाते हैं।
फाइनेंशियल फ्रीडम की दिशा में सही कदम
यदि आप केवल लोन लेने तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि पैसों को सही तरीके से समझना चाहते हैं, तो मेरी ईबुक “फाइनेंशियल फ्रीडम कैसे पाएं – नौकरी से निवेश तक का सफर” आपके लिए उपयोगी हो सकती है। इसमें पैसे, सेविंग, निवेश, कर्ज और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ी आसान भाषा में जानकारी दी गई है।
निष्कर्ष (Conclusion):
कम सिबिल स्कोर केवल एक छोटा वित्तीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे आर्थिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है। खराब CIBIL Score होने पर लोन रिजेक्ट हो सकता है, ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है और बड़ी रकम का लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड सुविधाओं में परेशानी और धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते अपनी EMI और भुगतान आदतों को सुधारना बेहद जरूरी है। याद रखें, अच्छा सिबिल स्कोर केवल लोन के लिए नहीं बल्कि मजबूत और भरोसेमंद वित्तीय भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. अच्छा CIBIL Score कितना होना चाहिए?
आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का CIBIL Score अच्छा माना जाता है। इस स्कोर पर बैंक और NBFC आसानी से लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर कम ब्याज दर, ज्यादा लोन राशि और बेहतर ऑफर मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
Q2. क्या खराब सिबिल स्कोर ठीक किया जा सकता है?
हाँ, खराब सिबिल स्कोर को धीरे-धीरे सुधारा जा सकता है। इसके लिए सभी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर भरना जरूरी होता है। पुराने बकाया खत्म करना, कम क्रेडिट उपयोग करना और जिम्मेदारी से वित्तीय व्यवहार करना स्कोर सुधारने में मदद करता है।
Q3. क्या EMI लेट होने से सिबिल स्कोर खराब होता है?
हाँ, EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान में लगातार देरी करने से सिबिल स्कोर तेजी से गिर सकता है। बैंक इसे नकारात्मक संकेत मानते हैं। यदि कई बार भुगतान लेट हो जाए, तो भविष्य में लोन और क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी आ सकती है।
Q4. क्या बिना सिबिल स्कोर के लोन मिल सकता है?
कुछ मामलों में बिना सिबिल स्कोर के भी लोन मिल सकता है, खासकर उन लोगों को जो पहली बार लोन ले रहे होते हैं। गोल्ड लोन, सिक्योर्ड लोन और Salary Based Loan जैसे विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन उनकी शर्तें अलग हो सकती हैं।
Q5. सिबिल स्कोर कितने दिन में अपडेट होता है?
आमतौर पर सिबिल स्कोर 30 से 45 दिनों के भीतर अपडेट दिखाई दे सकता है। जब आप EMI या क्रेडिट कार्ड का भुगतान करते हैं, तो बैंक उस जानकारी को क्रेडिट ब्यूरो तक भेजते हैं, जिसके बाद आपकी रिपोर्ट में बदलाव दिखाई देता है।
Q6. क्या Loan Settlement करने से नुकसान होता है?
हाँ, Loan Settlement करने से आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बैंक आपकी रिपोर्ट में “Settled” स्टेटस दिखाते हैं, जिससे भविष्य में नया लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि पूरा भुगतान करके लोन बंद करें।
Q7. क्या बार-बार लोन आवेदन करना गलत है?
हाँ, कम समय में कई जगह लोन आवेदन करने से आपके सिबिल स्कोर पर असर पड़ सकता है। हर आवेदन पर Loan Inquiry होती है, जिससे बैंक को लग सकता है कि आपको बार-बार पैसों की जरूरत पड़ रही है। इसलिए केवल जरूरत पड़ने पर ही आवेदन करना बेहतर माना जाता है।
