SBI Annuity Deposit स्कीम क्या है और हर महीने पैसा कैसे मिलता है

SBI Annuity Deposit Scheme क्या है? हर महीने पैसा कैसे मिलता है, ब्याज दर और पूरी जानकारी

SBI Annuity Deposit Scheme: एकमुश्त जमा पैसे से हर महीने तय रकम पाने का तरीका खोज रहे लोगों के लिए SBI एन्युटी डिपॉजिट स्कीम एक विकल्प है। खासकर रिटायरमेंट के बाद मिले पैसे या किसी दूसरी जगह से मिली बड़ी रकम को इस तरह रखा जा सकता है कि हर महीने खाते में पैसा आता रहे।

लेकिन यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। SBI Annuity Deposit Scheme को सामान्य Fixed Deposit यानी FD समझना गलत है। FD में मूलधन आमतौर पर अवधि पूरी होने तक जमा रहता है, जबकि एन्युटी डिपॉजिट में आपका मूलधन और उस पर मिलने वाला ब्याज हर महीने किस्त के रूप में वापस मिलता रहता है।

इस पोस्ट में हम जानेंगे कि SBI Annuity Deposit Scheme क्या है, इसमें कितना पैसा जमा करना होता है, मौजूदा ब्याज दर क्या है, हर महीने पैसा कैसे मिलता है और यह योजना किन लोगों के लिए सही हो सकती है।

SBI Annuity Deposit Scheme की मुख्य जानकारी

जानकारीविवरण
योजना का नामSBI Annuity Deposit Scheme
पैसा जमा करने का तरीकाएकमुश्त रकम
अवधि36, 60, 84 या 120 महीने
न्यूनतम मासिक एन्युटी₹1,000
अधिकतम जमा राशिकोई ऊपरी सीमा नहीं
ब्याज दरSBI Term Deposit की लागू ब्याज दर
खातासिंगल या ज्वाइंट
लोन/ओवरड्राफ्टबची हुई एन्युटी राशि के 75% तक, विशेष मामलों में
समय से पहले भुगतान₹15 लाख तक की जमा पर अनुमति

SBI Annuity Deposit Scheme क्या है?

SBI Annuity Deposit स्कीम क्या है और हर महीने पैसा कैसे मिलता है

एसबीआई एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में ग्राहक बैंक के पास एकमुश्त रकम जमा करता है। इसके बाद बैंक हर महीने उस रकम का कुछ मूलधन और ब्याज मिलाकर ग्राहक को वापस देता है।

इसे एक उदाहरण से समझें। मान लीजिए आपने बैंक में एक बड़ी रकम जमा की। जहा सामान्य FD में आपको ब्याज मिलता है और मूलधन जमा रहता है। लेकिन Annuity Deposit Scheme में बैंक हर महीने आपके जमा पैसे का कुछ हिस्सा और उस पर बना ब्याज आपको देता रहता है।

इसका मतलब यह है कि हर महीने मिलने वाली रकम सिर्फ ब्याज नहीं होती है। इसमें मूलधन का हिस्सा भी शामिल रहता है।

यही कारण है कि योजना की अवधि पूरी होने पर सामान्य FD की तरह पूरी जमा रकम दोबारा नहीं मिलती। आपका मूलधन पहले ही मासिक किस्तों के साथ वापस किया जा चुका होता है।

एसबीआई एन्युटी डिपॉजिट स्कीम की अवधि कितनी है?

इस योजना में चार अवधि हैं:

  1. 36 महीने यानी 3 साल
  2. 60 महीने यानी 5 साल
  3. 84 महीने यानी 7 साल
  4. 120 महीने यानी 10 साल

आप अपनी जरूरत के अनुसार स्कीम की अवधि चुन सकते हैं। छोटी अवधि चुनने पर जमा पैसा कम समय में मासिक किस्तों के जरिए वापस मिलेगा। वहीं लंबी अवधि चुनने पर हर महीने पैसा ज्यादा समय तक मिलता रहेगा।

इसलिए केवल ब्याज देखकर अवधि चुनना सही नहीं है। पहले यह तय करें कि आपको कितने साल तक हर महीने पैसे की जरूरत है।\

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SBI Annuity Deposit Scheme Interest Rate 2026

इस स्कीम के लिए अलग से एक तय ब्याज दर नहीं है। इस योजना पर उसी अवधि के लिए SBI की लागू Term Deposit ब्याज दर दी जाती है।

SBI की 15 दिसंबर 2025 से लागू Retail Domestic Term Deposit दरों के अनुसार 3 साल से 5 साल तक की अवधि पर सामान्य ग्राहकों के लिए 6.30% सालाना ब्याज दर है। जबकि 5 साल से 10 साल तक की अवधि पर सामान्य ग्राहकों के लिए 6.05% सालाना ब्याज दर है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 साल से 5 साल तक की अवधि पर 6.80% और 5 साल से 10 साल तक की अवधि पर 7.05% सालाना ब्याज दर दी गई है।

अवधिसामान्य ग्राहकवरिष्ठ नागरिक
3 साल से 5 साल से कम6.30%6.80%
5 साल से 10 साल तक6.05%7.05%

ध्यान दें: ब्याज दरें बैंक समय-समय पर बदल सकता है। इसलिए पैसा जमा करने के दिन लागू दर ही आपके लिए जरूरी होगी।

इसमें कम से कम कितना पैसा जमा करना होगा?

SBI ने इस योजना में न्यूनतम जमा राशि को सीधे तय नहीं किया गया है। बल्कि जमा रकम इस आधार पर तय होती है कि चुनी गई अवधि में आपको कम से कम ₹1,000 की मासिक एन्युटी मिलनी चाहिए।

यानी आपको इतनी एकमुश्त रकम जमा करनी होगी जिससे मूलधन और ब्याज मिलाकर हर महीने कम से कम ₹1,000 प्राप्त हों। जबकि अधिकतम जमा राशि की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।

हर महीने मिलने वाली रकम की गणना कैसे होती है?

इस योजना की गणना समझना बहुत जरूरी है क्योंकि कई लोग इसे FD की तरह समझकर गलत हिसाब लगा लेते हैं।

मान लीजिए आपने ₹10 लाख जमा किए। इसका मतलब यह नहीं है कि ₹10 लाख पर पूरी अवधि तक ब्याज मिलता रहेगा और हर महीने केवल ब्याज खाते में आएगा।

एन्युटी डिपॉजिट में हर महीने आपको दो हिस्सों से बनी रकम मिलती है: मूलधन का हिस्सा + ब्याज

हर महीने मूलधन का कुछ हिस्सा वापस मिलने के कारण बैंक के पास बची हुई जमा राशि कम होती जाती है। इसलिए आगे का ब्याज बची हुई रकम के आधार पर बनता है।

यही वजह है कि SBI Annuity Deposit Scheme की तुलना सामान्य FD के केवल ब्याज से करना सही नहीं है।

मासिक एन्युटी कब मिलती है?

बैंक के नियम के अनुसार जमा वाले महीने के अगले महीने की उसी तारीख से एन्युटी का भुगतान किया जाता है।

यदि आपने किसी महीने की 10 तारीख को पैसा जमा किया है तो अगले महीने की 10 तारीख को एन्युटी का भुगतान होगा।

अगर जमा की तारीख 29, 30 या 31 है और अगले महीने वह तारीख मौजूद नहीं है तो भुगतान अगले महीने की पहली तारीख को किया जाता है।

कौन इस योजना में पैसा जमा कर सकता है?

भारत में रहने वाला व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है। नाबालिग के नाम पर भी खाता खोला जा सकता है।

खाता अकेले या ज्वाइंट रूप से खोला जा सकता है।

यह योजना केवल Resident Individual के लिए है। इसलिए NRI के लिए यह योजना उपलब्ध नहीं है।

इस स्कीम में खाता कैसे खोलें?

यह योजना SBI की शाखाओं में उपलब्ध है। खाता खोलने के लिए आपको नजदीकी SBI शाखा में जाकर योजना के बारे में जानकारी लेनी होगी।

बैंक में जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद एकमुश्त रकम जमा करनी होती है। खाता खुलने पर Universal Passbook दी जाती है।

जरूरत पड़ने पर Annuity Deposit Account को SBI की एक शाखा से दूसरी शाखा में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

खाता खोलने से पहले बैंक से लागू ब्याज दर और अनुमानित मासिक एन्युटी की जानकारी जरूर लें। इससे आपको पहले ही पता रहेगा कि जमा रकम के बदले हर महीने कितना पैसा मिलेगा।

समय से पहले पैसा निकाल सकते हैं या नहीं?

SBI Annuity Deposit Scheme में ₹15 लाख तक की जमा राशि पर समय से पहले भुगतान की अनुमति है।

समय से पहले खाता बंद करने पर Term Deposit के अनुसार लागू पेनल्टी लग सकती है।

SBI के मौजूदा नियम के अनुसार ₹15 लाख तक की जमा पर Premature Payment की अनुमति है। वही जमाकर्ता की मृत्यु होने की स्तिथि मे जमा रकम की सीमा देखे बिना समय से पहले भुगतान किया जा सकता है।

क्या इस योजना पर लोन मिलता है?

विशेष मामलों में SBI Annuity Deposit Scheme की बची हुई राशि के 75% तक लोन या ओवरड्राफ्ट दिया जा सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक को बिना जांच के 75% लोन मिल जाएगा। बैंक विशेष स्थिति और अपने नियमों के आधार पर यह सुविधा देता है।

लोन या ओवरड्राफ्ट मिलने के बाद आगे की मासिक एन्युटी सीधे लोन खाते में जमा की जाती है।

अगर आपको अलग-अलग लोन की लागत समझनी है तो हमारा लेख सबसे कम ब्याज कौन से लोन में लगता है? भी पढ़ सकते हैं।

यह योजना किन लोगों के लिए सही हो सकती है?

रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त पैसा पाने वाले व्यक्ति इस योजना पर विचार कर सकते हैं। इससे जमा रकम धीरे-धीरे हर महीने वापस मिलती रहती है।

जिन लोगों ने कोई संपत्ति बेची है या किसी दूसरे तरीके से बड़ी रकम प्राप्त की है और उन्हें हर महीने एक तय रकम चाहिए, उनके लिए भी यह योजना उपयोगी हो सकती है।

यह उन लोगों के लिए भी एक बेहतर विकल्प है जो शेयर बाजार जैसे उतार-चढ़ाव वाले निवेश से दूर रहना चाहते हैं और बैंक मे सुरक्षित जमा योजना चुनना चाहते हैं।

लेकिन अगर आपका उद्देश्य मूलधन को लंबे समय तक सुरक्षित रखते हुए केवल ब्याज से कमाई करना है तो Annuity Deposit Scheme को FD या दूसरी मासिक आय वाली योजनाओं से तुलना करने के बाद ही फैसला करें।

अपने पैसे की बेहतर योजना बनाना और कमाई से निवेश तक का सफर समझना चाहते हैं तो फाइनेंशियल फ्रीडम कैसे पाएं – नौकरी से निवेश तक का सफर Ebook भी पढ़ सकते हैं।

एसबीआई एन्युटी डिपॉजिट स्कीम के फायदे

SBI Annuity Deposit Scheme के कई फायदे हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो एकमुश्त जमा रकम से हर महीने पैसा पाना चाहते हैं।

  • खाता ट्रांसफर की सुविधा: जरूरत पड़ने पर खाते को SBI की एक शाखा से दूसरी शाखा में ट्रांसफर किया जा सकता है।
  • हर महीने पैसा मिलता है: एकमुश्त जमा रकम को मासिक भुगतान में बदला जा सकता है, जिससे हर महीने खर्च के लिए तय रकम मिलती रहती है।
  • अलग-अलग अवधि का विकल्प: योजना में 36 महीने, 60 महीने, 84 महीने और 120 महीने की अवधि में से अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुना जा सकता है।
  • अधिकतम जमा राशि की सीमा नहीं: इस योजना में अधिकतम कितनी रकम जमा कर सकते हैं, इसकी कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज: वरिष्ठ नागरिकों को SBI की लागू Term Deposit ब्याज दर के अनुसार सामान्य ग्राहकों से अधिक ब्याज मिलता है।
  • लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा: विशेष मामलों में बची हुई एन्युटी राशि के 75% तक लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिल सकती है।
  • नॉमिनी की सुविधा: खाताधारक अपने Annuity Deposit Account में नॉमिनी जोड़ सकता है।

पैसे जमा करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

  • निवेश से पहले अपनी मासिक जरूरत और योजना की अवधि पर ध्यान दें।
  • हर महीने मिलने वाली रकम में मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं।
  • अवधि पूरी होने पर FD की तरह पूरी जमा रकम वापस नहीं मिलती।
  • अपनी पूरी इमरजेंसी बचत इस योजना में जमा न करें।
  • समय से पहले खाता बंद करने पर पेनल्टी लग सकती है।
  • खाता खोलते समय नॉमिनी जरूर जोड़ें।
  • पैसा जमा करने से पहले मासिक एन्युटी का सही हिसाब समझ लें।
  • केवल ऑनलाइन उदाहरण देखकर बड़ी रकम जमा करने का फैसला न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SBI Annuity Deposit Scheme क्या है?

यह SBI की जमा योजना है जिसमें एकमुश्त पैसा जमा करने के बाद मूलधन और ब्याज मिलाकर हर महीने एन्युटी के रूप में पैसा मिलता है।

SBI Annuity Deposit Scheme की अवधि कितनी है?

इसमें 36, 60, 84 और 120 महीने की अवधि उपलब्ध है।

कम से कम कितनी मासिक एन्युटी मिलनी चाहिए?

योजना के अनुसार न्यूनतम मासिक एन्युटी ₹1,000 है।

क्या जमा राशि की कोई अधिकतम सीमा है?

नहीं, SBI ने अधिकतम जमा राशि की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की है।

क्या वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा ब्याज मिलता है?

हां, वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू SBI Term Deposit की ब्याज दर सामान्य ग्राहकों से अधिक होती है।

क्या समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है?

हां, ₹15 लाख तक की जमा पर समय से पहले भुगतान की अनुमति है। लागू पेनल्टी लग सकती है। जमाकर्ता की मृत्यु होने पर रकम की सीमा के बिना समय से पहले भुगतान किया जा सकता है।

क्या इस योजना पर लोन मिलता है?

विशेष मामलों में बची हुई एन्युटी राशि के 75% तक लोन या ओवरड्राफ्ट दिया जा सकता है।

क्या मैच्योरिटी पर पूरी जमा रकम वापस मिलती है?

नहीं। मूलधन और ब्याज मासिक एन्युटी के रूप में पहले ही वापस किया जाता रहता है।

निष्कर्ष

SBI Annuity Deposit Scheme उन लोगों के लिए बनाई गई है जो एकमुश्त जमा रकम को हर महीने मिलने वाली आय में बदलना चाहते हैं। योजना में 3 साल से 10 साल तक की अवधि उपलब्ध है और हर महीने मिलने वाली रकम में मूलधन तथा ब्याज दोनों शामिल होते हैं।

पैसा जमा करने से पहले लागू ब्याज दर, मासिक एन्युटी और समय से पहले खाता बंद करने के नियम जरूर समझें। अपनी पूरी बचत केवल एक योजना में जमा करने के बजाय अपनी जरूरत और भविष्य के खर्च को ध्यान में रखकर फैसला करें।

अस्वीकरण: इस पोस्ट में दी गई जानकारी SBI की वेबसाइट पर उपलब्ध योजना और ब्याज दर की जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बैंक ब्याज दर, नियम और शर्तों में बदलाव कर सकता है। पैसा जमा करने से पहले SBI की शाखा या बैंक की वेबसाइट पर नई जानकारी जरूर जांचें।

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प्रवीन कुमार

प्रवीन कुमार एक फाइनेंस ब्लॉगर और कंटेंट राइटर हैं, जो पिछले 5 वर्षों से लोन, बैंकिंग, ईएमआई, क्रेडिट स्कोर, SIP, म्यूचुअल फंड, निवेश और वित्तीय जागरूकता जैसे विषयों पर लेख लिख रहे हैं। वे Fincoloan.com और Paisawale.in ब्लॉग के संस्थापक हैं। इन्होंने B.Ed तथा M.Sc. की शिक्षा प्राप्त की है और ‘फाइनेंशियल फ्रीडम कैसे पाएं: नौकरी से निवेश तक का सफर’ नामक हिंदी ई-बुक भी लिखी है।

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