अगर आपके पास एकमुश्त पैसा है और आप चाहते हैं कि उस रकम से हर महीने एक तय आमदनी मिलती रहे, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम आपके काम की योजना हो सकती है। खासकर रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी चाहने वाले लोगों और बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले निवेशकों के बीच यह स्कीम काफी पसंद की जाती है।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में आपको हर महीने मिलने वाला पैसा कोई पेंशन या बोनस नहीं है। यह आपकी जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज होता है। आप एक बार पैसा जमा करते हैं और पोस्ट ऑफिस उस रकम पर तय ब्याज के हिसाब से हर महीने भुगतान करता है।
लेकिन पुरानी जानकारी के आधार पर निवेश करना सही नहीं है। पोस्ट ऑफिस MIS की ब्याज दर और अधिकतम जमा सीमा से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदली है। इस पोस्ट में हम Post Office Monthly Income Scheme in Hindi, इसकी मौजूदा ब्याज दर, ₹1 लाख से ₹15 लाख तक जमा करने पर मासिक आय, समय से पहले खाता बंद करने के नियम, टैक्स और खाता खोलने की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे।
📌 सामग्री (Table of Contents)
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम क्या है?
- पोस्ट ऑफिस MIS के मुख्य बिंदु
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की ब्याज दर कितनी है?
- पोस्ट ऑफिस MIS में कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
- पोस्ट ऑफिस MIS में ₹9 लाख जमा करने पर हर महीने कितना मिलेगा?
- ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 तक लाख जमा करने पर कितनी मासिक आय होगी?
- क्या MIS में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है?
- यह योजना कितने साल की होती है?
- मेच्योरिटी से पहले MIS खाता बंद करने पर कितना पैसा कटेगा?
- पोस्ट ऑफिस MIS में खाता कौन खोल सकता है?
- पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
- पोस्ट ऑफिस Monthly Income Scheme में अकाउंट कैसे खोलें?
- क्या पोस्ट ऑफिस MIS पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है?
- पोस्ट ऑफिस MIS किसके लिए बेहतर हो सकती है?
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की खास बातें
- MIS में पैसा जमा करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- पोस्ट ऑफिस MIS से जुड़े सवाल और जवाब
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में ₹9 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा?
- ₹15 लाख जमा करने पर हर महीने कितना पैसा मिलेगा?
- क्या पोस्ट ऑफिस MIS में ₹20 लाख जमा कर सकते हैं?
- पोस्ट ऑफिस MIS कितने साल की है?
- क्या MIS का पैसा एक साल से पहले निकाल सकते हैं?
- क्या MIS में मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है?
- क्या हर महीने मिलने वाला पैसा मूल रकम से काटा जाता है?
- क्या वरिष्ठ नागरिक ही MIS खाता खोल सकते हैं?
- निष्कर्ष (Conclusion)
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम क्या है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी MIS एक सरकारी छोटी बचत योजना है। इसमें खाताधारक एकमुश्त रकम जमा करता है और उस जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज हर महीने प्राप्त करता है।
इसे सामान्य बैंक FD समझना पूरी तरह सही नहीं है। बैंक की FD में आपको मासिक, तिमाही या मेच्योरिटी पर ब्याज लेने के अलग विकल्प मिल सकते हैं। पोस्ट ऑफिस MIS खासतौर पर नियमित मासिक ब्याज देने वाली योजना है।
इस स्कीम की अवधि 5 साल होती है। पांच साल पूरे होने पर जमा की गई मूल रकम वापस मिल जाती है। ब्याज का भुगतान पहले ही हर महीने किया जाता रहता है।

पोस्ट ऑफिस MIS के मुख्य बिंदु
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| स्कीम का नाम | पोस्ट ऑफिस मासिक आय स्कीम |
| ब्याज दर | 7.4% सालाना |
| अवधि | 5 साल |
| न्यूनतम जमा | ₹1,000 |
| सिंगल अकाउंट में अधिकतम जमा | ₹9 लाख |
| ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम जमा | ₹15 लाख |
| ब्याज भुगतान | हर महीने |
| समय से पहले खाता बंद | 1 साल बाद |
| 80C टैक्स छूट | नहीं |
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की ब्याज दर कितनी है?
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की ब्याज दर 7.4% सालाना है।
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने में करती है। नई तिमाही के लिए ब्याज दर बढ़ाई, घटाई या पहले जैसी रखी जा सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि खाता खोलते समय लागू ब्याज दर उस जमा के लिए तय रहती है। इसलिए निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर जरूर देखनी चाहिए।
पोस्ट ऑफिस MIS में कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में न्यूनतम ₹1,000 से खाता खोला जा सकता है। जमा रकम ₹1,000 के गुणक (यानी ₹1000, ₹2000, ₹3000 आदि) में होती है।
इस स्कीम मे एक व्यक्ति के सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख जमा किए जा सकते हैं। वहीं ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा करने की सीमा है। वहीं ज्वाइंट अकाउंट अधिकतम तीन वयस्क मिलकर खोल सकते हैं और खाते में सभी की हिस्सेदारी बराबर मानी जाती है।
एक व्यक्ति एक से अधिक MIS खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में उसकी हिस्सेदारी को मिलाकर तय अधिकतम सीमा से ज्यादा निवेश नहीं किया जा सकता है।
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पोस्ट ऑफिस MIS में ₹9 लाख जमा करने पर हर महीने कितना मिलेगा?
7.4% सालाना ब्याज दर के हिसाब से ₹9 लाख जमा करने पर सालाना ₹66,600 ब्याज बनता है।
इसे 12 महीनों में बांटने पर हर महीने लगभग ₹5,550 मिलेंगे।
यानी सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख जमा करने पर गणना इस प्रकार होगी:
- मासिक आय: ₹5,550
- सालाना ब्याज: ₹66,600
- 5 साल में कुल ब्याज: ₹3,33,000
- 5 साल बाद वापस मिलने वाली मूल रकम: ₹9 लाख
यहां ₹3.33 लाख ब्याज आपको एक साथ मेच्योरिटी पर नहीं मिलेगा। क्योंकि ब्याज हर महीने मिलता रहेगा।
ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 तक लाख जमा करने पर कितनी मासिक आय होगी?
अगर ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख जमा किए जाते हैं तो 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से साल में ₹1,11,000 ब्याज बनेगा।
इस तरह हर महीने लगभग ₹9,250 की आय होगी।
| जमा रकम | हर महीने ब्याज | सालाना ब्याज | 5 साल में कुल ब्याज |
|---|---|---|---|
| ₹1 लाख | लगभग ₹617 | ₹7,400 | ₹37,000 |
| ₹3 लाख | ₹1,850 | ₹22,200 | ₹1,11,000 |
| ₹5 लाख | लगभग ₹3,083 | ₹37,000 | ₹1,85,000 |
| ₹9 लाख | ₹5,550 | ₹66,600 | ₹3,33,000 |
| ₹15 लाख | ₹9,250 | ₹1,11,000 | ₹5,55,000 |
ऊपर दी गई गणना 7.4% सालाना ब्याज दर के आधार पर है।
क्या MIS में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में हर महीने मिलने वाले ब्याज पर अपने आप अतिरिक्त ब्याज नहीं जुड़ता है।
अगर हर महीने मिलने वाला ब्याज खाते में पड़ा रहता है तो MIS उस ब्याज को दोबारा निवेश नहीं करती है। इसलिए इसे चक्रवृद्धि ब्याज वाली योजना समझना सही नहीं है।
अगर आपका उद्देश्य लंबे समय में पैसा बढ़ाना है तो हर महीने मिलने वाले ब्याज को किसी दूसरी बचत या निवेश योजना में लगाने पर विचार किया जा सकता है।
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यह योजना कितने साल की होती है?
पोस्ट ऑफिस MIS की अवधि 5 साल होती है। खाता खोलने की तारीख से पांच साल पूरे होने पर खाता मेच्योर हो जाता है।
मेच्योरिटी पर खाताधारक को उसकी जमा मूल रकम वापस मिलती है। उदाहरण के लिए आपने ₹5 लाख जमा किए हैं तो पांच साल बाद ₹5 लाख मूल रकम वापस मिलेगी। जबकि पांच साल के दौरान ब्याज हर महीने मिलता रहेगा।
अगर पांच साल बाद भी आप MIS में पैसा रखना चाहते हैं तो उस समय लागू नियम और ब्याज दर के अनुसार नया खाता खोला जा सकता है।
मेच्योरिटी से पहले MIS खाता बंद करने पर कितना पैसा कटेगा?
पैसे की अचानक जरूरत पड़ने पर MIS खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है, लेकिन खाता खोलने के एक साल के भीतर इसे बंद करने की अनुमति नहीं है।
समय से पहले खाता बंद करने के नियम इस प्रकार हैं:
| खाता बंद करने का समय | मूल रकम से कटौती |
|---|---|
| 1 साल से पहले | खाता बंद नहीं कर सकते |
| 1 साल के बाद और 3 साल से पहले | जमा रकम का 2% |
| 3 साल के बाद और 5 साल से पहले | जमा रकम का 1% |
| 5 साल पूरे होने पर | खाता मेच्योर कोई कटौती नहीं |
मान लीजिए आपने ₹5 लाख जमा किए और दो साल बाद खाता बंद कर दिया। 2% के हिसाब से ₹10,000 की कटौती होगी।
यदि इसी ₹5 लाख के खाते को तीन साल पूरे होने के बाद समय से पहले बंद करते हैं तो 1% के हिसाब से ₹5,000 की कटौती होगी।
इसलिए MIS में वही पैसा जमा करें जिसकी अगले कुछ महीनों में जरूरत नहीं है।
पोस्ट ऑफिस MIS में खाता कौन खोल सकता है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में खाता खोलने से जुड़े मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- कोई भी वयस्क भारतीय नागरिक पोस्ट ऑफिस MIS में खाता खोल सकता है।
- एक व्यक्ति अपने नाम से सिंगल अकाउंट खोल सकता है।
- अधिकतम तीन वयस्क मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं।
- नाबालिग बच्चे के नाम पर माता-पिता या अभिभावक खाता खोल सकते हैं।
- 10 साल या उससे अधिक उम्र का नाबालिग अपने नाम से MIS खाता खोल और चला सकता है।
- NRI पोस्ट ऑफिस MIS में नया खाता नहीं खोल सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
MIS खाता खोलते समय पहचान और KYC से जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं। सामान्य रूप से इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- खाता खोलने का आवेदन फॉर्म
- जरूरत के अनुसार अन्य KYC दस्तावेज
बड़ी रकम जमा करते समय पोस्ट ऑफिस के KYC और भुगतान से जुड़े नियम लागू होते हैं। इसलिए खाता खुलवाते समय आधार और पैन की सही जानकारी देना जरूरी है।
पोस्ट ऑफिस Monthly Income Scheme में अकाउंट कैसे खोलें?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में खाता खोलने की प्रक्रिया आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप पूरे करें:
स्टेप 1: नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं
सबसे पहले अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं और बचत योजनाओं से संबंधित काउंटर पर MIS खाता खोलने के बारे में जानकारी लें।
स्टेप 2: MIS अकाउंट का आवेदन फॉर्म लें
पोस्ट ऑफिस से मंथली इनकम स्कीम का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
स्टेप 3: आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें
फॉर्म में अपना नाम, पता, जन्मतिथि, जमा की जाने वाली रकम और नॉमिनी सहित मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।
स्टेप 4: KYC दस्तावेज और फोटो लगाएं
आवेदन फॉर्म के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और मांगे गए अन्य KYC दस्तावेज जमा करें।
स्टेप 5: निवेश की रकम जमा करें
आप MIS में जितना पैसा निवेश करना चाहते हैं, उस रकम को पोस्ट ऑफिस के तय नियमों के अनुसार जमा करें।
स्टेप 6: आवेदन और दस्तावेज जमा करें
पूरा भरा हुआ आवेदन फॉर्म, जरूरी दस्तावेज और निवेश की रकम जमा करने की जानकारी पोस्ट ऑफिस कर्मचारी को दें। जांच पूरी होने के बाद आपका MIS खाता खोल दिया जाएगा।
स्टेप 7: हर महीने ब्याज प्राप्त करें
खाता खुलने के बाद जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज हर महीने आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट या बैंक खाते में प्राप्त किया जा सकता है।
अगर आप एकमुश्त रकम की जगह हर महीने छोटी रकम जमा करके पैसा जोड़ना चाहते हैं तो Post Office RD Scheme: ₹100 से निवेश शुरू, 6.7% ब्याज, फायदे और पूरी जानकारी भी पढ़ सकते हैं।
क्या पोस्ट ऑफिस MIS पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में जमा रकम पर आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती।
MIS से मिलने वाला ब्याज आपकी आय में शामिल होता है और लागू टैक्स नियमों के अनुसार टैक्स देना पड़ सकता है।
इसलिए यह कहना गलत होगा कि पोस्ट ऑफिस की योजना होने के कारण MIS का ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री है।
अगर आपकी सालाना आय टैक्स के दायरे में आती है तो MIS से मिले ब्याज को भी आय की गणना करते समय ध्यान में रखना चाहिए।
पोस्ट ऑफिस MIS किसके लिए बेहतर हो सकती है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम इन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है:
- जिनके पास एकमुश्त रकम है और हर महीने तय आय चाहते हैं।
- रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक आमदनी चाहने वाले लोगों के लिए।
- जो लोग बाजार के उतार-चढ़ाव और ज्यादा जोखिम से दूर रहना चाहते हैं।
- जिन्हें घर के खर्च के लिए हर महीने अतिरिक्त पैसा चाहिए।
- दवा और दूसरी नियमित जरूरतों के लिए मासिक आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए।
- जो अपनी जमा रकम पर हर महीने ब्याज प्राप्त करना चाहते हैं।
- जिनका मुख्य लक्ष्य पैसा तेजी से बढ़ाना नहीं, बल्कि नियमित आय पाना है।
अगर आपका लक्ष्य लंबे समय में पैसा तेजी से बढ़ाना है तो केवल MIS पर निर्भर रहना सही नहीं है। इस स्कीम में हर महीने ब्याज मिलता है, इसलिए उस ब्याज पर अपने आप चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा नहीं मिलता।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की खास बातें
- स्कीम की अवधि पांच साल है।
- हर महीने ब्याज का भुगतान होता है।
- सिंगल अकाउंट में ₹9 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
- ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
- न्यूनतम ₹1,000 से खाता खोला जा सकता है।
- नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिलती है।
- खाता एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है।
- एक साल के बाद जरूरत पड़ने पर समय से पहले खाता बंद किया जा सकता है।
- स्कीम का ब्याज बाजार के रोजाना उतार-चढ़ाव से नहीं बदलता।
- मेच्योरिटी पर जमा मूल रकम वापस मिलती है।
MIS में पैसा जमा करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- सिर्फ हर महीने ब्याज मिलने के कारण अपनी पूरी जमा पूंजी MIS में निवेश न करें।
- निवेश से पहले तय करें कि आपको नियमित मासिक आय चाहिए या लंबे समय में पैसा बढ़ाना है।
- अगर अगले एक साल में पैसों की जरूरत पड़ सकती है तो वह रकम MIS में जमा न करें।
- MIS खाता एक साल से पहले समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता।
- बीमारी, नौकरी जाने या अचानक बड़े खर्च के लिए इमरजेंसी फंड अलग रखें।
- महंगाई को ध्यान में रखें क्योंकि समय के साथ आपके मासिक खर्च बढ़ सकते हैं।
- MIS से मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री नहीं है, इसलिए टैक्स का हिसाब भी जरूर देखें।
- ₹9 लाख या ₹15 लाख जैसी बड़ी रकम जमा करने से पहले अपनी आर्थिक जरूरत और भविष्य के खर्चों को समझें।
- लंबे समय में पैसा बढ़ाना आपका मुख्य लक्ष्य है तो केवल MIS पर निर्भर न रहें।
पोस्ट ऑफिस MIS से जुड़े सवाल और जवाब
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में ₹9 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा?
7.4% सालाना ब्याज दर पर ₹9 लाख जमा करने से हर महीने ₹5,550 ब्याज मिलेगा।
₹15 लाख जमा करने पर हर महीने कितना पैसा मिलेगा?
ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख जमा करने पर 7.4% ब्याज दर के हिसाब से हर महीने ₹9,250 मिलेंगे।
क्या पोस्ट ऑफिस MIS में ₹20 लाख जमा कर सकते हैं?
नहीं। मौजूदा सीमा के अनुसार सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख जमा किए जा सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस MIS कितने साल की है?
यह योजना पांच साल के लिए होती है।
क्या MIS का पैसा एक साल से पहले निकाल सकते हैं?
नहीं। खाता खोलने की तारीख से एक साल पूरा होने से पहले समयपूर्व खाता बंद नहीं किया जा सकता।
क्या MIS में मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है?
नहीं। MIS से मिलने वाला ब्याज टैक्स योग्य आय में शामिल होता है और इस योजना में धारा 80C की छूट नहीं मिलती।
क्या हर महीने मिलने वाला पैसा मूल रकम से काटा जाता है?
नहीं। हर महीने मिलने वाला पैसा आपकी जमा रकम पर बनने वाला ब्याज है। मूल रकम पांच साल बाद वापस मिलती है।
क्या वरिष्ठ नागरिक ही MIS खाता खोल सकते हैं?
नहीं। पात्र वयस्क भारतीय नागरिक पोस्ट ऑफिस MIS खाता खोल सकता है। यह केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनी योजना नहीं है।
निष्कर्ष (Conclusion)
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम उन लोगों के लिए एक आसान विकल्प है जिन्हें एकमुश्त रकम से हर महीने तय ब्याज चाहिए। 7.4% सालाना ब्याज दर के हिसाब से ₹9 लाख जमा करने पर ₹5,550 और ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख जमा करने पर ₹9,250 हर महीने मिल सकते हैं।
लेकिन निवेश से पहले पांच साल की अवधि, समय से पहले खाता बंद करने पर कटौती और ब्याज पर टैक्स जैसी बातों को समझना जरूरी है। अगर आपका लक्ष्य नियमित मासिक आय है तो MIS पर विचार किया जा सकता है। वहीं लंबे समय में पैसा बढ़ाना आपका मुख्य लक्ष्य है तो दूसरे निवेश विकल्पों की तुलना भी जरूर करें।
अस्वीकरण: इस पोस्ट में दी गई जानकारी इंडिया पोस्ट की सेविंग स्कीम से जुड़ी जानकारी और जुलाई 2026 तक उपलब्ध नियमों व ब्याज दर के आधार पर तैयार की गई है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों और नियमों में बदलाव हो सकता है। निवेश से पहले पोस्ट ऑफिस या संबंधित सरकारी वेबसाइट पर मौजूदा जानकारी जरूर जांचें। इस लेख को किसी भी तरह से निवेश की सलाह ना मानें।
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