आपने EMI खुद जमा कर दी और बाद में बैंक खाते से वही रकम अपने-आप कट गई। या खाते में एक ही लोन के नाम पर दो कटौतियाँ दिख रही हैं। ऐसी स्थिति में पहले बैंक खाते और लोन खाते के विवरण का मिलान करें। अतिरिक्त भुगतान की पुष्टि होने पर लोन देने वाली संस्था से पैसे वापस माँगें या रकम आगे की किस्त में जोड़ने की लिखित जानकारी लें।
सिर्फ दो बार रकम कटने के आधार पर अगली EMI रोक न दें। पहले पता करें कि दोनों भुगतान किस मद में दर्ज हुए हैं।
पहले जाँचें: क्या सच में एक ही EMI दो बार कटी है?
बैंक खाते का विवरण बताता है कि पैसा कब और कितना कटा। लोन खाते का विवरण बताता है कि संस्था ने उस पैसे को किस किस्त, बकाया या शुल्क में जोड़ा। दोनों को साथ देखकर जाँचें:
| क्या दिख रहा है? | क्या पता करना है? |
|---|---|
| एक जैसी रकम दो बार कटी है | क्या दोनों उसी लोन और उसी महीने की किस्त के लिए हैं? |
| खुद भुगतान करने के बाद ऑटो-डेबिट हुआ | क्या संस्था को दोनों भुगतान मिल गए हैं? |
| पिछले महीने की EMI बाकी थी | क्या एक कटौती पुराने बकाया की है? |
| दूसरी कटौती की रकम अलग है | क्या यह शुल्क, पुराना बकाया या किसी दूसरे लोन का भुगतान है? |
| कटौती के बाद रकम वापस भी आई है | क्या एक लेन-देन पहले ही वापस हो चुका है? |
ऑटो-डेबिट का मतलब है पहले दी गई अनुमति के आधार पर खाते से अपने-आप पैसा कटना। खुद EMI जमा करने पर पहले से चल रही कटौती प्रक्रिया हर बार तुरंत नहीं रुकती। तकनीकी गड़बड़ी से भी दोहरा भुगतान हो सकता है। असली कारण संस्था से जाँच कराएँ।
दोहरी कटौती होने पर क्या करें?
1. दोनों भुगतान का प्रमाण रखें
बैंक विवरण, भुगतान की रसीद और लोन खाते का ताजा विवरण डाउनलोड करें। दोनों कटौतियों की तारीख, रकम और लेन-देन नंबर लिख लें। केवल SMS देखकर शिकायत करने के बजाय खाते में दर्ज लेन-देन भी जाँचें।
2. लोन देने वाली संस्था को लिखें
संस्था के आधिकारिक ऐप, ईमेल या शाखा से शिकायत दर्ज करें। यदि EMI किसी दूसरे बैंक के खाते से कटी है, तो उस बैंक को भी कटौती का विवरण दें। शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।
तीन सवाल साफ पूछें:
- क्या दोनों भुगतान आपके पास पहुँचे हैं?
- किस भुगतान को किस्त, पुराने बकाया या दूसरी मद में दर्ज किया गया है?
- अतिरिक्त रकम कब और किस तरह वापस होगी?
3. पैसे वापस लेने या आगे जोड़ने की बात स्पष्ट करें
यदि अतिरिक्त रकम घर के खर्च के लिए चाहिए, तो शिकायत में उसे बैंक खाते में वापस करने का अनुरोध लिखें। संस्था रकम आगे की किस्त में जोड़ने का विकल्प दे तो उसकी शर्तें समझें।
लिखित रूप में पूछें कि अगली EMI की देय रकम कितनी होगी और अगली तारीख पर खाते से कितना पैसा कटेगा। केवल फोन पर “अगले महीने एडजस्ट हो जाएगा” सुनकर किस्त रोकना ठीक नहीं है।
अतिरिक्त रकम को अगली EMI में जोड़ना और लोन का मूलधन घटाना अलग बातें हैं। अंतर समझने के लिए लोन प्रीपेमेंट से EMI, अवधि और ब्याज पर क्या असर पड़ता है पढ़ सकते हैं।
4. समाधान के बाद दोनों खाते देखें
रिफंड की सूचना आने पर बैंक खाते में रकम आने की पुष्टि करें। आगे की किस्त में रकम जोड़ी गई हो तो नया लोन विवरण लें। कोई गलत बकाया या शुल्क दिखे तो उसी शिकायत संख्या के साथ सुधार माँगें।
उदाहरण: ₹6,000 की EMI के लिए ₹12,000 चले गए
मान लें आपकी EMI ₹6,000 है। आपने 5 तारीख को खुद भुगतान किया और 6 तारीख को ऑटो-डेबिट से फिर ₹6,000 कट गए। यह एक काल्पनिक उदाहरण है।
| विवरण | रकम |
|---|---|
| इस महीने की EMI | ₹6,000 |
| खुद किया गया भुगतान | ₹6,000 |
| बाद में हुई कटौती | ₹6,000 |
| कुल भुगतान | ₹12,000 |
यदि कोई पुराना बकाया या अलग शुल्क नहीं है और दोनों भुगतान संस्था को मिले हैं, तो ₹6,000 अतिरिक्त गए हैं। संस्था से इसी रकम का हिसाब और रिफंड माँगें। अगली किस्त में जोड़ने पर सहमति हो तो नई देय रकम की पुष्टि लें।
शिकायत में क्या लिखें?
विषय: लोन की EMI दो बार कटने की जाँच और अतिरिक्त रकम वापस करने का अनुरोध
मेरे लोन खाते _ _ की मासिक EMI ₹_ _ है। इस किस्त के लिए _ _ तारीख को ₹_ _ का भुगतान हुआ। इसके बाद _ _ तारीख को ₹_ _ की दूसरी कटौती हुई। दोनों लेन-देन नंबर और हैं।
कृपया बताएँ कि दोनों रकम लोन खाते में कहाँ दर्ज की गई हैं। अतिरिक्त भुगतान की पुष्टि होने पर उसे मेरे बैंक खाते में वापस करें और अपेक्षित तारीख बताएँ। अगली EMI की देय रकम तथा कटौती की तारीख की भी लिखित पुष्टि दें।
संबंधित बैंक विवरण और भुगतान की रसीद संलग्न हैं। कृपया शिकायत संख्या उपलब्ध कराएँ।
नाम: पंजीकृत मोबाइल नंबर:
ध्यान दें: यह जानकारी केवल संस्था के आधिकारिक माध्यम पर भेजें। OTP, UPI PIN या बैंक का पासवर्ड न दें।
शिकायत का समाधान न मिले तो कहाँ जाएँ?
पहले संस्था के शिकायत अधिकारी के पास शिकायत संख्या और प्रमाण भेजें। संस्था RBI की लोकपाल योजना के दायरे में आती हो तो उसका जवाब संतोषजनक न मिलने पर RBI के CMS पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है।
जवाब न मिलने की स्थिति में सामान्य समय 30 दिन है। किसी मामले में RBI, NPCI या कार्ड नेटवर्क की लागू समय-सीमा इससे अधिक हो तो वही लागू हो सकती है। शिकायत की पात्रता और समय-सीमा RBI के नीचे दिए आधिकारिक स्रोत से जाँचें। यह 30 दिन की अवधि हर मामले में रिफंड मिलने की समय-सीमा नहीं है।
क्या अगली EMI छोड़ सकते हैं?
बिना लिखित पुष्टि के नहीं। पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि अतिरिक्त रकम अगली किस्त में जोड़ी गई है और कितना भुगतान बाकी है। कटौती रोकने के लिए चलते लोन का ऑटो-डेबिट अचानक बंद न करें।
यदि दोहरी कटौती के कारण अगली किस्त के पैसे कम पड़ रहे हैं, तो संस्था को तुरंत बताएँ। ऐसी स्थिति में अगली EMI भरना मुश्किल होने पर उठाए जाने वाले कदम भी उपयोगी हैं।
यदि आपका लोन पहले ही पूरा बंद हो चुका है, तो लोन बंद होने के बाद ऑटो-डेबिट और गलत कटौती की प्रक्रिया देखें।
अस्वीकरण: यह सामान्य जानकारी है। रिफंड, आगे की किस्त में रकम जोड़ने और भुगतान की प्रक्रिया संस्था तथा लोन की शर्तों पर निर्भर करती है। अपने मामले की लिखित पुष्टि संबंधित संस्था से लें।
