EMI भरने पर भी बकाया दिख रहा है, किस्त दो बार कट गई है या पैसे होने पर भी कटौती नहीं हुई है? पहले पहचानें कि समस्या बैंक खाते में है, भुगतान के रिकॉर्ड में है या EMI की तारीख में।
शुरुआत तीन चीजों से करें: बैंक का विवरण, भुगतान की रसीद और लोन खाते का नया विवरण। इन्हें मिलाने से पता लगाने में मदद मिलेगी कि पैसा कहाँ कटा और किस किस्त में दर्ज हुआ।
आपकी EMI की समस्या कौन-सी है?
| आपके साथ क्या हुआ? | पहले क्या जाँचें? | आगे क्या करें? |
|---|---|---|
| एक महीने की EMI दो बार कट गई | दोनों कटौतियों की तारीख, रकम और किस्त का महीना मिलाएँ। | दो बार कटी EMI की जाँच और पैसे वापस माँगने की प्रक्रिया पढ़ें। |
| EMI भर दी, फिर भी Pending या Overdue दिख रहा है | रसीद में भुगतान सफल है? सही लोन खाते में जमा हुआ है? | भुगतान के बाद भी बकाया दिखने पर क्या करें, यह देखें। |
| सैलरी का बैंक खाता बदल गया | लोन में कौन-सा खाता जुड़ा है और नई कटौती की अनुमति सक्रिय हुई या नहीं? | नए खाते से EMI कटवाने की प्रक्रिया जानें। |
| सैलरी आने से पहले EMI की तारीख पड़ती है | लोन देने वाली संस्था तारीख बदलने की सुविधा देती है? | EMI की तारीख बदलवाने की शर्तें और प्रक्रिया पढ़ें। |
| खाते में पैसे थे, फिर भी EMI बाउंस हुई | कटौती के प्रयास के समय इस्तेमाल के लिए कितनी रकम उपलब्ध थी और बैंक ने क्या कारण बताया? | पैसे होने पर भी EMI बाउंस होने की जाँच करें। |
लोन पूरा चुकाने के बाद भी कटौती हो रही है तो लोन बंद होने के बाद ऑटो-डेबिट रोकने की जानकारी देखें।
बैंक खाते और लोन खाते का विवरण अलग क्यों देखें?
बैंक से पैसा कटने के साथ यह देखना भी जरूरी है कि लोन की किस्त में वह दर्ज हुआ या नहीं।
बैंक का विवरण बताता है कि रकम कब और कितनी कटी। उसी रकम की वापसी हुई हो तो वह भी देखें।
भुगतान की रसीद में रकम, तारीख, भुगतान की स्थिति और पहचान संख्या देखें। यह संख्या Transaction ID या UTR के नाम से हो सकती है।
लोन खाते का विवरण बताता है कि संस्था ने किस्त, ब्याज, शुल्क और बाकी रकम कैसे दर्ज की है। ऐप पर दिख रहे कुल बकाए के साथ भुगतान का पूरा विवरण भी खोलें।
बैंक से पूछें या लोन देने वाली संस्था से?
यदि दोनों अलग हैं तो सवाल भी संबंधित जगह रखें:
- बैंक से: कटौती का प्रयास कब हुआ, कितना पैसा उपलब्ध था, भुगतान क्यों लौटा और बैंक ने कौन-सा शुल्क लिया?
- लोन देने वाली संस्था से: भुगतान किस लोन खाते और किस किस्त में दर्ज हुआ, अभी क्या बाकी है और अगली कटौती कब होनी है?
- तारीख या खाता बदलने के लिए: लोन देने वाली संस्था से प्रक्रिया शुरू करें। अनुरोध मिलने की रसीद के साथ बदलाव लागू होने की पुष्टि भी लें।
सैलरी का खाता बदलने या आवेदन देने भर से EMI का जुड़ा खाता नहीं बदलता। इसी तरह तारीख बदलने का अनुरोध स्वीकार होने तक नई तारीख मानकर भुगतान टालना ठीक नहीं है।
शिकायत में क्या लिखें?
शिकायत में ये जानकारी दें:
- लोन खाता संख्या और किस महीने की किस्त का मामला है।
- तय EMI, भुगतान की तारीख और बैंक से कटी रकम।
- भुगतान की पहचान संख्या और संबंधित रसीद या बैंक विवरण।
- लोन खाते में अभी क्या गलत या अधूरा दिख रहा है।
- आपको किस सुधार की जरूरत है—भुगतान दर्ज करना, अतिरिक्त कटौती की जाँच, गलत शुल्क सुधारना या नई तारीख की पुष्टि।
शिकायत संख्या और जवाब की तारीख संभालकर रखें। दोबारा संपर्क में उसी का संदर्भ दें। दस्तावेज संस्था के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट, ईमेल या शाखा पर ही दें।
जाँच चल रही हो तो अगली EMI का क्या करें?
शिकायत दर्ज होने से किस्त की तारीख अपने-आप आगे नहीं बढ़ती। संस्था से साफ पूछें कि अभी वास्तव में कितनी रकम बाकी है और उसका भुगतान किस तरीके से करना है।
पहले भुगतान की स्थिति साफ किए बिना वही रकम फिर न भेजें। दूसरी ओर, बकाया किस्त को केवल शिकायत के भरोसे छोड़ भी न दें। बैंक से अपने-आप दोबारा कटौती होगी या अलग से भुगतान करना है, इसकी जानकारी लें।
अतिरिक्त रकम कटने पर यह न मानें कि अगले महीने की EMI भर गई है। रकम वापस होगी या आगे की किस्त में लगेगी, इसकी लिखित पुष्टि लें। शुल्क लगा हो तो बैंक का शुल्क और लोन देने वाली संस्था का शुल्क अलग-अलग समझें।
समस्या हल हुई या नहीं, कैसे जाँचें?
केवल “शिकायत बंद” का संदेश पर्याप्त नहीं है। अपने मामले के अनुसार यह मिलाएँ:
- भुगतान सही लोन खाते और सही किस्त में दर्ज हुआ है।
- गलत बकाया या शुल्क पर सुधार अथवा कारण का जवाब मिला है।
- पैसे वापस करने की बात हुई थी तो रकम खाते में आई है।
- तारीख या खाता बदला है तो अगली किस्त की तारीख, रकम और जुड़ा खाता स्पष्ट है।
भुगतान दर्ज होने और बदलाव लागू होने की समय-सीमा अपनी संस्था से पूछें। यह संस्था और भुगतान के तरीके के अनुसार अलग हो सकती है।
जवाब न मिले या समाधान सही न लगे तो क्या करें?
पहले संबंधित संस्था के शिकायत अधिकारी को शिकायत संख्या, प्रमाण और पहले मिला जवाब भेजें।
संस्था RBI की लोकपाल योजना के दायरे में आती हो और उसका जवाब संतोषजनक न हो तो RBI CMS पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। जवाब न मिलने पर सामान्यतः 30 दिन, या लागू RBI, NPCI अथवा कार्ड नेटवर्क के नियमों में इससे अधिक समय हो तो वह अवधि पूरी होनी चाहिए। शिकायत की पात्रता और उसे दर्ज करने की अंतिम अवधि RBI के आधिकारिक सवाल-जवाब में जाँचें।
EMI के बाद घर का खर्च कम पड़ रहा है?
EMI के बाद किराया, राशन और जरूरी खर्च पूरे न हों तो अपनी आमदनी और खर्च का हिसाब देखें। आमदनी कम होने पर EMI का बोझ संभालने के विकल्प भी समझें।
