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स्वतंत्र वित्तीय जानकारी — सरल हिंदी में लेखक: प्रवीन कुमार
पर्सनल लोन

दो पर्सनल लोन ऑफर में कौन-सा सस्ता है? ब्याज, फीस और कुल भुगतान की तुलना

दो पर्सनल लोन ऑफर की ब्याज, फीस और कुल भुगतान के आधार पर तुलना करता व्यक्ति

दो पर्सनल लोन ऑफर में सस्ता वही नहीं होता जिसकी ब्याज दर या EMI कम दिखाई दे। सही तुलना के लिए एक जैसी लोन राशि और अवधि रखें। फिर APR, प्रोसेसिंग फीस, खाते में मिलने वाली रकम, कुल ब्याज और सभी EMI का भुगतान देखें।

कम ब्याज वाले ऑफर में बड़ा शुल्क हो तो दूसरा ऑफर थोड़ी अधिक दर के बाद भी सस्ता हो सकता है। इसलिए दोनों ऑफर के मुख्य तथ्य विवरण (KFS) से आंकड़े लें।

दोनों ऑफर से ये 7 आंकड़े लिखें

क्या लिखना है?कहाँ देखें?
मंजूर लोन राशिKFS या मंजूरी पत्र
लोन की अवधिKFS और भुगतान सूची
ब्याज दर तथा गणना का तरीकाKFS या लोन समझौता
APRKFS में
मासिक EMIभुगतान सूची
शुरू में कटने वाले सभी शुल्कKFS और शुल्क विवरण
खाते में मिलने वाली शुद्ध रकममंजूर राशि में से कटौती घटाकर

APR का आसान मतलब: ब्याज और लोन से जुड़े शुल्क को मिलाकर बताई गई सालाना लागत। केवल ब्याज दर के मुकाबले इससे ऑफर की कीमत अधिक साफ समझ आती है।

दो पर्सनल लोन ऑफर की सही तुलना कैसे करें?

1. समान लोन राशि और अवधि रखें

एक ऑफर ₹5 लाख के लिए तीन वर्ष और दूसरा ₹6 लाख के लिए पाँच वर्ष का है, तो उनकी EMI की सीधी तुलना सही नहीं होगी। पहले अपनी जरूरी रकम और अवधि तय करें।

लंबी अवधि EMI घटा सकती है, लेकिन ज्यादा महीनों तक ब्याज देने के कारण कुल भुगतान बढ़ सकता है। इसलिए केवल छोटी EMI देखकर फैसला न करें।

2. ब्याज दर के साथ APR देखें

APR में ब्याज के साथ शुल्क का असर भी जुड़ता है। एक ही राशि और अवधि में कम APR सामान्यतः कम लागत का संकेत देता है। फिर भी रुपये में कुल भुगतान और शुद्ध मिलने वाली रकम भी देखें।

ब्याज फ्लैट दर से बताया गया है या बची हुई रकम पर लगने वाली घटती दर से, यह भी स्पष्ट करें। दोनों तरीकों के प्रतिशत को सीधे बराबर न मानें। जरूरत हो तो फ्लैट और घटती ब्याज दर कैलकुलेटर से अंतर समझें।

3. सभी जरूरी शुल्क जोड़ें

प्रोसेसिंग फीस के अलावा लागू कर, अनिवार्य बीमा या दूसरा जरूरी शुल्क भी शुरुआत में कट सकता है। जो खर्च हर हाल में देना है, उसे जोड़ें। देर से EMI या किस्त बाउंस का शुल्क सामान्य कुल लागत में न जोड़ें, लेकिन उसकी शर्त पढ़ें।

कौन-कौन से खर्च लागू हो सकते हैं, इसकी अलग जानकारी लोन लेते समय लगने वाले शुल्क वाले लेख में देखें।

4. खाते में मिलने वाली शुद्ध रकम देखें

मंजूर रकम और हाथ में मिलने वाली रकम हमेशा एक जैसी नहीं होती। ₹5 लाख में से ₹12,000 शुरू में कटें, तो खाते में ₹4,88,000 आएंगे; EMI की गणना फिर भी मंजूर रकम पर हो सकती है।

इसलिए ये दोनों आंकड़े अलग लिखें:

  • मंजूर रकम: जिस मूल राशि पर लोन दिया गया है।
  • शुद्ध रकम: सभी शुरुआती कटौती के बाद खाते में आने वाली रकम।

5. कुल भुगतान और वास्तविक लोन खर्च निकालें

सरल तुलना के लिए:

सभी EMI का भुगतान = मासिक EMI × EMI की कुल संख्या

लोन का खर्च = कुल ब्याज + शुरू में लगने वाले जरूरी शुल्क

कुल भुगतान = मंजूर रकम + कुल ब्याज + जरूरी शुल्क

कोई शुल्क लोन राशि में जोड़कर उसकी EMI बनाई गई है तो उसे दोबारा न जोड़ें। KFS की भुगतान सूची को आधार बनाएँ।

आसान उदाहरण: कम ब्याज वाला ऑफर फिर भी महंगा

मान लें दोनों ऑफर ₹5 लाख और 36 महीने के हैं। ये दरें केवल उदाहरण हैं, किसी बैंक के मौजूदा प्रस्ताव नहीं।

तुलनाऑफर Aऑफर B
ब्याज दर11.50%12.25%
लगभग EMI₹16,488₹16,667
सभी EMI में कुल ब्याज₹93,568₹1,00,009
शुरुआत का कुल शुल्क₹12,000₹2,500
खाते में मिलने वाली शुद्ध रकम₹4,88,000₹4,97,500
ब्याज और शुल्क मिलाकर खर्च₹1,05,568₹1,02,509
कुल भुगतान₹6,05,568₹6,02,509

ऑफर A की ब्याज दर और EMI दोनों कम हैं। इसके बावजूद अधिक शुरुआती शुल्क के कारण ऑफर B का कुल भुगतान लगभग ₹3,059 कम है और खाते में भी अधिक रकम आती है। इस उदाहरण में ऑफर B सस्ता है।

अपने प्रस्तावों के आंकड़े स्मार्ट लोन तुलना कैलकुलेटर में भरकर अंतर देखें। दर्ज न किए गए बीमा या दूसरे शुल्क परिणाम में शामिल नहीं होंगे, इसलिए इसे KFS से मिलाएँ।

समय से पहले लोन चुकाना हो तो यह भी देखें

यदि आगे चलकर अतिरिक्त रकम चुकाने की योजना है, तो आंशिक भुगतान की सीमा, लोन बंद करने का शुल्क और भुगतान के बाद EMI या अवधि में होने वाला बदलाव पढ़ें। संभावित प्री-पेमेंट शुल्क को सामान्य कुल भुगतान में तभी जोड़ें, जब वह आपकी योजना में वास्तव में लागू हो सकता है।

अगर दूसरा विकल्प पर्सनल लोन नहीं है

अगर एक प्रस्ताव क्रेडिट कार्ड पर मिला लोन है, तो क्रेडिट कार्ड लोन और पर्सनल लोन का कुल खर्च अलग तरीके से देखें।

दूसरा विकल्प सोना गिरवी रखकर मिलने वाला लोन है तो उसमें नीलामी का जोखिम भी देखें। इसके लिए गोल्ड लोन और बिना गिरवी पर्सनल लोन की तुलना उपयोगी होगी।

ऑफर स्वीकार करने से पहले अंतिम जाँच

  • दोनों ऑफर के KFS की प्रति मिल गई है।
  • समान जरूरत की राशि और अवधि पर तुलना की गई है।
  • ब्याज दर का तरीका और APR देखा गया है।
  • सभी जरूरी शुल्क और खाते में मिलने वाली रकम जाँची गई है।
  • समय से पहले भुगतान की शर्त पढ़ी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कम ब्याज दर वाला पर्सनल लोन हमेशा सस्ता होता है?

नहीं। अधिक शुल्क या दूसरी जरूरी कटौती के कारण कम ब्याज वाला ऑफर भी महंगा हो सकता है।

क्या कम EMI वाला ऑफर चुनना चाहिए?

लंबी अवधि से EMI कम लेकिन कुल ब्याज ज्यादा हो सकता है। इसलिए दोनों देखें।

APR और कुल भुगतान में कौन ज्यादा जरूरी है?

दोनों। APR सालाना लागत समझाता है, जबकि कुल भुगतान पूरी अवधि में जाने वाले रुपये बताता है।

दो पर्सनल लोन ऑफर में सस्ता विकल्प जानने के लिए केवल ब्याज दर न देखें। समान राशि और अवधि पर APR, सभी जरूरी शुल्क, शुद्ध मिलने वाली रकम, कुल ब्याज और कुल भुगतान मिलाएँ। जो प्रस्ताव आपकी जरूरत की रकम देता हो, EMI बजट में रखता हो और पूरी अवधि में कम वास्तविक खर्च कराता हो, वही बेहतर तुलना है।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। उदाहरण अनुमानित हैं और किसी संस्था का मौजूदा प्रस्ताव नहीं हैं। वास्तविक EMI, APR, शुल्क और भुगतान बैंक की गणना तथा आपके KFS के अनुसार अलग हो सकते हैं। लोन स्वीकार करने से पहले KFS, मंजूरी पत्र और समझौते की शर्तें पढ़ें।


स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक—लोन और अग्रिम के लिए Key Facts Statement

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