अगर लोन ऐप के कारण आपके पैसे चले गए हैं, तो सबसे पहले और पैसा भेजना बंद करें। तुरंत अपने बैंक या भुगतान ऐप को सूचना दें, वित्तीय साइबर धोखाधड़ी हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी सूचना देंगे, उतनी जल्दी संबंधित बैंक और पुलिस पैसे को आगे जाने से रोकने की कोशिश शुरू कर सकते हैं। हालांकि पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।
ऐप मिटाने या फोन साफ करने से पहले भुगतान, संदेश, नंबर और धमकी के सबूत बचा लें। इसके बाद फोन और बैंक खाते को सुरक्षित करें।
सबसे पहले ये 6 काम करें
1. और कोई भुगतान न करें
धोखेबाज अक्सर पहले भुगतान के बाद “खाता खोलने का शुल्क”, “लोन रद्द करने का शुल्क”, “पैसे वापस करने का शुल्क” या “कानूनी कार्रवाई रोकने का पैसा” मांगते हैं। पहले भेजी रकम वापस पाने के लिए भी कोई नई रकम न भेजें।
2. बैंक और भुगतान ऐप को तुरंत बताएं
बैंक, कार्ड या UPI ऐप का नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट या असली ऐप से लें। बताएं कि भुगतान लोन ऐप की धोखाधड़ी से जुड़ा है। जरूरत के अनुसार UPI, कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या खाते से ऑनलाइन भुगतान रोकने के लिए कहें। शिकायत नंबर जरूर लिख लें।
अगर पैसा आपकी मंजूरी के बिना कटा है, तो उसे साफ तौर पर “मेरी अनुमति के बिना हुआ भुगतान” बताएं। अगर आपने खुद पिन डालकर पैसा भेजा था, तो बैंक को वही सच बताएं। गलत जानकारी देने से शिकायत कमजोर हो सकती है।
3. 1930 पर कॉल करें
पैसे का नुकसान हुआ है तो देरी किए बिना 1930 पर कॉल करें। अपने पास मोबाइल नंबर, बैंक का नाम, रकम, तारीख, समय और ट्रांजैक्शन आईडी यानी भुगतान नंबर रखें। कॉल से मिला शिकायत नंबर सुरक्षित रखें।
4. साइबर अपराध पोर्टल पर पूरी शिकायत दर्ज करें
cybercrime.gov.in पर पैसों से जुड़ी धोखाधड़ी या दूसरे साइबर अपराध का सही विकल्प चुनें। घटना उसी क्रम में लिखें जिस क्रम में हुई थी। भुगतान की रसीद, बैंक विवरण, चैट और स्क्रीनशॉट लगाएं। पोर्टल से मिला शिकायत नंबर सुरक्षित रखें।
5. सबूत बचाने के बाद फोन सुरक्षित करें
- ऐप, चैट, भुगतान और धमकी के स्क्रीनशॉट लें।
- ऐप को संपर्क सूची, फोटो, कैमरा और माइक्रोफोन देखने की दी गई अनुमति बंद करें।
- अगर स्क्रीन देखने या फोन चलाने वाला कोई ऐप लगवाया गया था, तो उसकी अनुमति भी बंद करें।
- किसी दूसरे सुरक्षित फोन या कंप्यूटर से बैंकिंग पासवर्ड और UPI पिन बदलें।
- सबूत सुरक्षित होने के बाद संदिग्ध ऐप मिटा दें।
6. धमकी मिले तो पुलिस को भी बताएं
फोटो फैलाने, संपर्क सूची के लोगों को फोन करने, बदनाम करने या नुकसान पहुंचाने की धमकी को हल्के में न लें। संदेश, कॉल नंबर और रिकॉर्डिंग जैसे उपलब्ध सबूत बचाकर नजदीकी साइबर पुलिस या पुलिस थाने में शिकायत करें। तुरंत खतरा हो तो 112 पर संपर्क करें।
किस समस्या में कहां शिकायत करें?
| समस्या | पहला कदम |
|---|---|
| UPI, कार्ड या बैंक खाते से पैसे चले गए | बैंक/भुगतान ऐप को सूचना दें, फिर 1930 और साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें |
| पहले शुल्क लिया लेकिन लोन नहीं दिया | 1930, साइबर अपराध पोर्टल और भुगतान वाले बैंक में शिकायत करें |
| फोटो या संपर्क सूची के नाम पर धमकी मिल रही है | सबूत बचाएं और साइबर पुलिस या स्थानीय पुलिस को बताएं |
| बैंक या NBFC से जुड़ा ऐप शिकायत नहीं सुन रहा | असल लोन देने वाली कंपनी के शिकायत अधिकारी को लिखें; जरूरत पर RBI CMS में जाएं |
| आपके नाम पर ऐसा लोन दिख रहा है जो आपने लिया ही नहीं | लोन दिखाने वाली कंपनी और क्रेडिट रिपोर्ट कंपनी को लिखें तथा साइबर शिकायत दर्ज करें |
शिकायत के लिए कौन-कौन से सबूत रखें?
- लोन ऐप का नाम, उसका लिंक और स्क्रीनशॉट;
- ठगी करने वाले मोबाइल नंबर, ईमेल और UPI आईडी;
- भुगतान की रसीद, बैंक विवरण और ट्रांजैक्शन आईडी;
- WhatsApp, SMS या ईमेल पर हुई बातचीत;
- लोन की मुख्य जानकारी वाला कागज (KFS), समझौता या मांगे गए शुल्क का संदेश;
- बैंक, ऐप या लोन कंपनी को दी गई शिकायत और उसका नंबर;
- धमकी वाले संदेश, कॉल का समय और उपलब्ध रिकॉर्डिंग।
स्क्रीनशॉट काटकर जरूरी हिस्सा हटाने से बचें। तारीख, समय, नंबर और पूरा संदेश दिखाई देना शिकायत में मदद करता है। असली सबूत अपने पास रखें और केवल आधिकारिक पोर्टल, बैंक या पुलिस के साथ साझा करें।
बैंक में शिकायत और RBI में शिकायत कब करें?
अगर ऐप किसी असली बैंक या लोन देने वाली गैर-बैंकिंग कंपनी (NBFC) की ओर से काम कर रहा था, तो पहले उस बैंक या कंपनी के शिकायत अधिकारी को लिखें। अधिकारी की जानकारी ऐप, कंपनी की वेबसाइट या KFS में मिलनी चाहिए। शिकायत में घटना, रकम, भुगतान नंबर और आप क्या समाधान चाहते हैं, यह साफ लिखें।
अगर कंपनी शिकायत को पूरा या कुछ हिस्सा मानने से मना कर दे, जवाब से आप संतुष्ट न हों, या शिकायत मिलने के 30 दिन बाद भी जवाब न आए, तो RBI की शिकायत प्रबंध प्रणाली (CMS) पर शिकायत की जा सकती है।
ध्यान रखें: RBI CMS बैंक और RBI के दायरे में आने वाली लोन कंपनियों की सेवा संबंधी शिकायत के लिए है। यह 1930, साइबर अपराध पोर्टल या पुलिस शिकायत की जगह नहीं लेता। अनजान या फर्जी ऐप से हुई ठगी पहले साइबर अपराध के रूप में बताएं।
क्या बैंक पैसे वापस कर देगा?
हर मामले में पैसा वापस मिलना तय नहीं है। अगर भुगतान आपकी मंजूरी के बिना हुआ, तो RBI के नियमों में जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करती है कि गलती किसकी थी और आपने बैंक को कितनी जल्दी बताया। कुछ हालात में तीन कामकाजी दिनों के भीतर सूचना देने पर ग्राहक को नुकसान नहीं उठाना पड़ सकता।
लेकिन अगर आपने खुद पैसा भेजा, OTP या पिन बताया, तो मामला अलग हो सकता है। इसलिए “तीन दिन में शिकायत की तो पैसा पक्का वापस मिलेगा” मानना सही नहीं है। फिर भी बैंक और 1930 को तुरंत सूचना देना जरूरी है, क्योंकि देर होने पर पैसे को रोकना मुश्किल हो सकता है।
अगर ऐप ने सच में लोन दिया था तो क्या करें?
धोखाधड़ी की शिकायत करने का मतलब यह नहीं कि असली लोन अपने आप खत्म हो गया। अगर आपके खाते में लोन की रकम आई थी, तो बैंक विवरण, KFS और लोन समझौते से पता करें कि पैसा किस बैंक या NBFC ने दिया था। उसी कंपनी से लिखित बकाया रकम और भुगतान का आधिकारिक खाता मांगें।
किसी एजेंट के निजी UPI नंबर पर किस्त या “लोन बंद करने की रकम” न भेजें। असली बकाया हो तो उसका भुगतान केवल सही कंपनी के बताए और जांचे हुए तरीके से करें।
आगे आवेदन करने से पहले पढ़ें: लोन ऐप असली है या फर्जी, यह कैसे जांचें। यह जांच आपको ऐप, असली लोन कंपनी, फोन की अनुमति और शुल्क को पहले ही समझने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
लोन ऐप से धोखाधड़ी होने पर घबराकर दूसरा भुगतान न करें। पहले बैंक को बताएं, 1930 पर कॉल करें, साइबर अपराध पोर्टल पर सबूत के साथ शिकायत दें और फोन की सुरक्षा ठीक करें। अगर ऐप किसी असली बैंक या NBFC से जुड़ा था, तो उसकी लिखित शिकायत प्रक्रिया भी पूरी करें।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए है। शिकायत की कार्रवाई घटना, भुगतान के तरीके और संबंधित बैंक या कंपनी के अनुसार अलग हो सकती है। पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं है। गंभीर धमकी, आपके नाम या दस्तावेज के गलत इस्तेमाल अथवा बड़े नुकसान की स्थिति में बैंक, साइबर पुलिस और जरूरत के अनुसार कानूनी जानकार से मदद लें।
स्रोत: भारत सरकार—राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और शिकायत संबंधी प्रश्न-जवाब; भारतीय रिजर्व बैंक—बिना अनुमति हुए ऑनलाइन भुगतान के नियम और डिजिटल लोन निर्देश, 2025। जानकारी 11 सितंबर 2026 तक जांची गई।
