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स्वतंत्र वित्तीय जानकारी — सरल हिंदी में लेखक: प्रवीन कुमार
लोन गाइड

₹15,000–₹25,000 सैलरी पर 5–10 लाख का लोन मिल सकता है?

13 सितम्बर 2026 प्रवीन कुमार

₹15,000–₹25,000 की मासिक सैलरी पर अकेले आवेदक के लिए ₹10 लाख का बिना सुरक्षा वाला पर्सनल लोन आम तौर पर व्यवहारिक नहीं होता। ₹5 लाख का लोन भी ₹15,000 या ₹20,000 की आय पर भारी पड़ सकता है। ₹25,000 की नियमित सैलरी, कोई मौजूदा EMI न होने और अच्छे भुगतान रिकॉर्ड की स्थिति में बैंक […]

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लोन गाइड

कम या अनियमित आय में बड़ा लोन कैसे मिलेगा? पात्रता बढ़ाने की पूरी गाइड

13 सितम्बर 2026 प्रवीन कुमार

कम या अनियमित आय में बड़ा लोन पाने का कोई निश्चित शॉर्टकट नहीं है। बैंक या वित्तीय संस्था पहले यह देखती है कि दस्तावेजों में आपकी वास्तविक आय कितनी है, मौजूदा EMI के बाद कितनी रकम बचती है और नई किस्त नियमित रूप से चुकाई जा सकती है या नहीं। पात्रता मजबूत करने के व्यवहारिक […]

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लोन गाइड

एक से ज्यादा लोन चल रहे हैं तो पहले कौन सा चुकाएँ? सही रणनीति

13 सितम्बर 2026 प्रवीन कुमार

एक से ज्यादा लोन होने पर अक्सर हर महीने सभी EMI समय पर भरने के बाद भी कर्ज कम होता दिखाई नहीं देता। ऐसे में लोग कभी सबसे छोटी EMI वाले लोन में अतिरिक्त पैसा डालते हैं, तो कभी जिस बैंक का फोन पहले आता है उसका भुगतान कर देते हैं। इससे पैसा खर्च तो […]

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लोन गाइड

EMI लेट होने पर लोन डिफॉल्ट कब माना जाता है? ओवरड्यू, डिलिंक्वेंसी और NPA समझें

13 अक्टूबर 2026 प्रवीन कुमार

EMI की ड्यू डेट निकलते ही बकाया रकम ओवरड्यू हो सकती है, लेकिन खाता उसी दिन NPA नहीं बनता। डिफॉल्ट कब माना जाएगा, यह लोन समझौते और बैंक की शर्तों पर निर्भर करता है। सामान्य बैंक टर्म लोन में मूलधन या ब्याज 90 दिनों से अधिक ओवरड्यू रहने पर खाता NPA वर्ग में जा सकता […]

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लोन गाइड

कम ब्याज वाला लोन कैसे चुनें? EMI, शुल्क और कुल खर्च समझें

13 अक्टूबर 2026 प्रवीन कुमार

कम ब्याज वाला लोन पाने के लिए केवल अच्छा सिबिल स्कोर काफी नहीं होता। बैंक आपकी आय, पहले से चल रही किस्तों, लोन की रकम, अवधि और लोन के प्रकार को भी देखता है। इसलिए पहले अपनी स्थिति मजबूत करें, फिर दो या तीन सही प्रस्तावों की पूरी लागत की तुलना करें। ध्यान रखें कि […]

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लोन गाइड

फ्लैट और घटती ब्याज दर में क्या अंतर है? आसान उदाहरण से समझें

11 सितम्बर 2026 प्रवीन कुमार

फ्लैट ब्याज दर में ब्याज पूरी शुरुआती लोन राशि पर लगाया जाता है, जबकि घटती ब्याज दर में हर किस्त के बाद बची रकम पर ब्याज लगता है। इसी वजह से कम दिखाई देने वाली फ्लैट दर भी कई बार अधिक खर्च करा सकती है। सही तुलना के लिए केवल ब्याज प्रतिशत नहीं, बल्कि ईएमआई, […]

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