कम अवधि का लोन हमेशा सस्ता नहीं होता। कम ब्याज के चक्कर में लोग अक्सर बड़ी गलती कर बैठते हैं।
छोटी अवधि में कुल ब्याज तो कम होता है, लेकिन हर महीने की EMI काफी बढ़ जाती है।
यदि मासिक किस्त आपकी नियमित आय से अधिक होगी, तो अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसे कम पड़ सकते हैं।
छोटी अवधि के लोन पर भी प्रोसेसिंग फीस पूरी लगती है, जिससे लोन की वास्तविक लागत बढ़ जाती है।
ऊंची EMI चुकाने के लिए नया लोन लेने से फीस और ब्याज का दोहरा बोझ बढ़ जाता है।
खाते में मिलने वाली वास्तविक रकम और कुल भुगतान के अंतर से ही सही खर्च का पता चलता है।
लोन लेने से पहले Key Facts Statement जरूर देखें। इसमें APR और सभी शुल्कों की स्पष्ट जानकारी होती है।
केवल कम अवधि न देखें। ऐसी EMI चुनें जो आपकी नियमित आय में आसानी से फिट हो सके।
इस विषय की पूरी जानकारी जानने के लिए मुख्य आर्टिकल पढ़ें।
अपने लोन की ईएमआई जानने के लिए यह टूल इस्तेमाल करें।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
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