हर एजुकेशन लोन में मकान या जमीन गिरवी रखना जरूरी नहीं होता। बैंक कई बातों को देखकर यह तय करता है।
लोन की रकम, कॉलेज, कोर्स और सरकारी क्रेडिट गारंटी जैसी चीजें तय करती हैं कि गारंटी चाहिए या नहीं।
सह-आवेदक आमतौर पर माता-पिता होते हैं। बिना गारंटर के लोन का मतलब बिना सह-आवेदक के लोन नहीं होता।
सरकारी मॉडल एजुकेशन लोन योजनाओं में एक तय सीमा तक बिना संपत्ति और बिना थर्ड-पार्टी गारंटी के लोन मिल सकता है।
बैंक घर, फ्लैट, जमीन या फिक्स्ड डिपॉजिट स्वीकार कर सकते हैं। इसके लिए कानूनी कागजात और वैल्यूएशन साफ होनी चाहिए।
बैंक छात्र के प्रवेश, कॉलेज की मान्यता, क्रेडिट रिकॉर्ड और सह-आवेदक की भुगतान क्षमता भी बारीकी से देखता है।
लोन समझौते में साफ होना चाहिए कि कौन सह-आवेदक है, कौन गारंटर है और कौन-सी संपत्ति गिरवी रखी जा रही है।
एजुकेशन लोन की अंतिम शर्तें आपके चुने हुए बैंक, लोन राशि और सैंक्शन लेटर के आधार पर ही तय होती हैं।
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