लोन की तय EMI के अलावा अपनी मर्जी से मूलधन का कुछ या पूरा हिस्सा समय से पहले चुकाना ही लोन प्रीपेमेंट कहलाता है।
जब आप प्रीपेमेंट करते हैं, तो वह रकम सीधे बकाया मूलधन से घटती है। इससे आपके लोन पर लगने वाला कुल ब्याज कम हो जाता है।
प्रीपेमेंट के बाद लोन की अवधि समान रखकर EMI घटा सकते हैं। इससे आपके हर महीने का बजट आसान हो जाता है।
आप EMI को पहले जितना ही रखकर लोन की बची हुई अवधि घटा सकते हैं। इससे आपका लोन जल्दी खत्म हो जाता है।
लोन की अवधि घटाने पर आमतौर पर ज्यादा ब्याज बचता है, जबकि EMI घटाने पर मासिक नकदी प्रवाह में तुरंत राहत मिलती है।
8 लाख के बकाया लोन पर 2 लाख का प्रीपेमेंट करने से EMI घटाने पर 55,000 और अवधि घटाने पर करीब 1.06 लाख का ब्याज बच सकता है।
प्रीपेमेंट का फैसला करने से पहले बैंक के प्रीपेमेंट चार्ज, अपना इमरजेंसी फंड और कुल होने वाली शुद्ध बचत का आकलन जरूर कर लें।
अगर आपका मासिक बजट तंग है तो EMI घटाएं। यदि आपके पास नियमित आय है और EMI चुकाना आसान है, तो अवधि घटाना बेहतर है।
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यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
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