अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर FD तोड़े बिना भी लोन लिया जा सकता है। जानिए इसके नियम और जरूरी बातें।
लोन लेने के बाद भी आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट चलती रहती है और उस पर तय ब्याज लगातार मिलता रहता है।
यह एक सुरक्षित लोन है, जिसमें बैंक आपकी FD पर लियन लगाकर उसे सिक्योरिटी की तरह रखता है।
बैंक सीधे लोन या ओवरड्राफ्ट लिमिट दे सकते हैं, जहाँ जरूरत के हिसाब से पैसा निकालकर वापस जमा किया जा सकता है।
उसी बैंक में योग्य FD रखने वाला ग्राहक आवेदन कर सकता है। अकेले या संयुक्त खाते के हिसाब से पात्रता तय होती है।
FD पर ब्याज मिलता रहता है, लेकिन लोन के रूप में ली गई रकम पर आपको बैंक की शर्तों के अनुसार ब्याज भरना पड़ता है।
अगर आप समय पर बकाया रकम नहीं चुकाते, तो बैंक अपनी शर्तों के तहत FD के पैसों से लोन की भरपाई कर सकता है।
कम समय की जरूरत के लिए लोन बेहतर है, लेकिन लंबी अवधि के लिए लोन की लागत और FD बंद करने के नुकसान की तुलना जरूर करें।
इस विषय की पूरी जानकारी जानने के लिए मुख्य आर्टिकल पढ़ें।
एफडी पर लोन लेने से पहले यह छोटी जांच जरूर करें।
आवेदन से पहले अपने बैंक की मौजूदा शर्तें जरूर जाँचें।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
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