इस लोन के जरिए वरिष्ठ नागरिक अपना घर बेचे बिना वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए नियमित रकम हासिल कर सकते हैं।
आम होम लोन में आप बैंक को EMI देते हैं, जबकि इसमें बैंक या फाइनेंस कंपनी आपको नियमित भुगतान करती है।
लोन की राशि कोई तय फिक्स रकम नहीं होती, बल्कि यह संपत्ति के बाजार मूल्य व अन्य आधार पर तय की जाती है।
योजना के नियमों के अनुसार पैसों का भुगतान मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर मिल सकता है।
जीवनकाल में सामान्य EMI न देने के कारण मिली रकम पर ब्याज बकाया में जुड़ता जाता है।, जिससे समय के साथ देनदारी बढ़ती है।
अंतिम आवेदनकर्ता की मृत्यु, घर खाली करने, घर बेचने के फैसले या अपनी मर्जी से लोन का भुगतान करने के समय लोन चुकाने की प्रक्रिया शुरू होती है।
वारिस चाहें तो बकाया चुकाकर घर रख सकते हैं या संपत्ति बेचकर लोन चुकाने के बाद बची रकम ले सकते हैं।
बिना EMI के रकम मिलने की सुविधा के साथ ही संपत्ति पर बढ़ने वाली देनदारी और नियमों को पूरी तरह जान लेना जरूरी है.
इस विषय की पूरी जानकारी जानने के लिए मुख्य आर्टिकल पढ़ें।
इस विषय से जुड़ा हिसाब देखने के लिए नीचे दिया टूल खोलें।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
कुछ और उपयोगी Stories नीचे देखें।