क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न चुकाने से आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जानिए इसके बड़े असर।
बिल भुगतान में देरी से केवल जुर्माना ही नहीं लगता, बल्कि ब्याज और सिबिल स्कोर पर भी बुरा असर पड़ता है।
आरबीआई के अनुसार, भुगतान में तीन दिन से अधिक की देरी होने पर ही लेट फीस या रिपोर्टिंग की जाती है।
पूरा बिल न चुकाने पर कार्ड की ब्याज मुक्त अवधि समाप्त हो जाती है और बकाया राशि पर भारी ब्याज लगता है।
न्यूनतम देय राशि चुकाने से कार्ड बंद नहीं होता, लेकिन बची हुई बड़ी रकम पर ब्याज लगातार बढ़ता रहता है।
भुगतान में 90 दिनों तक की देरी होने पर बैंक से फोन और मैसेज आ सकते हैं और आपका खाता एनपीए बन सकता है।
अगर किसी महीने पूरा बिल चुकाना संभव न हो, तो कम से कम न्यूनतम देय राशि का भुगतान समय पर करें।
क्रेडिट कार्ड को अपनी आय से जुड़ी सुविधा मानें और हर महीने पूरा बिल चुकाकर सुरक्षित रहें।
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